6 मार्च 2026 को जयपुर का चौघड़िया

शुक्रवार, 6 मार्च 2026, जयपुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 6 मार्च 2026 को जयपुर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (17:53 तक), नक्षत्र हस्त (09:30 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 06:46 पर और सूर्यास्त 18:30 पर है। राहुकाल 11:10 से 12:38 तक है।

दिन और रात
दिन 06:46 – 18:30
रात 06:45 तक
तिथि
तृतीया, 17:53 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
हस्त, 09:30 तक
चित्रा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:46 – 08:14सामान्य
लाभ08:14 – 09:42शुभ
अमृत09:42 – 11:10शुभ
काल11:10 – 12:38टालें
शुभ12:38 – 14:06शुभ
रोग14:06 – 15:34टालें
उद्वेग15:34 – 17:02टालें
चर17:02 – 18:30सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:30 – 20:02टालें
काल20:02 – 21:34टालें
लाभ21:34 – 23:05शुभ
उद्वेग23:05 – 00:37टालें
शुभ00:37 – 02:09शुभ
अमृत02:09 – 03:41शुभ
चर03:41 – 05:13सामान्य
रोग05:13 – 06:45टालें

6 मार्च 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 17:53 तक
कृष्ण चतुर्थी 19:17, 7 मार्च तक
नक्षत्र
हस्त 09:30 तक
चित्रा 11:15, 7 मार्च तक
योग
गंडअशुभ 07:05 तक
वृद्धि 06:52, 7 मार्च तक
करण
विष्टि (भद्रा) 17:53 तक
बव 06:31, 7 मार्च तक
बालव 19:17, 7 मार्च तक
चंद्र राशि
कन्या 22:18 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:46
सूर्यास्त
18:30
चंद्रोदय
21:18
चंद्रास्त
08:08
दिनमान
11h 44m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:07 – 05:57
अभिजीत मुहूर्त
12:14 – 13:01

अशुभ समय

राहुकाल
11:10 – 12:38
यमगंड
15:34 – 17:02
गुलिक काल
08:14 – 09:42

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:4607:44दिन
बुध07:4408:43दिन
चंद्र08:4309:42दिन
शनि09:4210:40दिन
गुरु10:4011:39दिन
मंगल11:3912:38दिन
सूर्य12:3813:37दिन
शुक्र13:3714:35दिन
बुध14:3515:34दिन
चंद्र15:3416:33दिन
शनि16:3317:31दिन
गुरु17:3118:30दिन
मंगल18:3019:31रात
सूर्य19:3120:32रात
शुक्र20:3221:34रात
बुध21:3422:35रात
चंद्र22:3523:36रात
शनि23:3600:37रात
गुरु00:3701:38रात
मंगल01:3802:40रात
सूर्य02:4003:41रात
शुक्र03:4104:42रात
बुध04:4205:43रात
चंद्र05:4306:45रात

अयनांश 24.2227° (लाहिड़ी)। समय जयपुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।