24 अप्रैल 2026 को जयपुर का चौघड़िया

शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026, जयपुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026 को जयपुर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (19:22 तक), नक्षत्र पुष्य (20:14 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 05:54 पर और सूर्यास्त 18:55 पर है। राहुकाल 10:47 से 12:25 तक है।

दिन और रात
दिन 05:54 – 18:55
रात 05:53 तक
तिथि
अष्टमी, 19:22 तक
नवमी
नक्षत्र
पुष्य, 20:14 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 अप्रैल 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:54 – 07:32सामान्य
लाभ07:32 – 09:09शुभ
अमृत09:09 – 10:47शुभ
काल10:47 – 12:25टालें
शुभ12:25 – 14:02शुभ
रोग14:02 – 15:40टालें
उद्वेग15:40 – 17:18टालें
चर17:18 – 18:55सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:55 – 20:17टालें
काल20:17 – 21:40टालें
लाभ21:40 – 23:02शुभ
उद्वेग23:02 – 00:24टालें
शुभ00:24 – 01:47शुभ
अमृत01:47 – 03:09शुभ
चर03:09 – 04:31सामान्य
रोग04:31 – 05:53टालें

24 अप्रैल 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 19:22 तक
शुक्ल नवमी 18:28, 25 अप्रैल तक
नक्षत्र
पुष्य 20:14 तक
आश्लेषा 20:05, 25 अप्रैल तक
योग
शूलअशुभ 01:24, 25 अप्रैल तक
गंडअशुभ 23:43, 25 अप्रैल तक
करण
विष्टि (भद्रा) 08:01 तक
बव 19:22 तक
बालव 06:51, 25 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:54
सूर्यास्त
18:55
चंद्रोदय
12:10
चंद्रास्त
01:20
दिनमान
13h 1m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:26 – 05:10
अभिजीत मुहूर्त
11:59 – 12:51

अशुभ समय

राहुकाल
10:47 – 12:25
यमगंड
15:40 – 17:18
गुलिक काल
07:32 – 09:09

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:5406:59दिन
बुध06:5908:04दिन
चंद्र08:0409:09दिन
शनि09:0910:15दिन
गुरु10:1511:20दिन
मंगल11:2012:25दिन
सूर्य12:2513:30दिन
शुक्र13:3014:35दिन
बुध14:3515:40दिन
चंद्र15:4016:45दिन
शनि16:4517:50दिन
गुरु17:5018:55दिन
मंगल18:5519:50रात
सूर्य19:5020:45रात
शुक्र20:4521:40रात
बुध21:4022:35रात
चंद्र22:3523:29रात
शनि23:2900:24रात
गुरु00:2401:19रात
मंगल01:1902:14रात
सूर्य02:1403:09रात
शुक्र03:0904:04रात
बुध04:0404:58रात
चंद्र04:5805:53रात

अयनांश 24.2246° (लाहिड़ी)। समय जयपुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।