26 जून 2026 को जयपुर का चौघड़िया

शुक्रवार, 26 जून 2026, जयपुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 26 जून 2026 को जयपुर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (22:22 तक), नक्षत्र विशाखा (19:16 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 05:34 पर और सूर्यास्त 19:24 पर है। राहुकाल 10:45 से 12:29 तक है।

दिन और रात
दिन 05:34 – 19:24
रात 05:35 तक
तिथि
द्वादशी, 22:22 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
विशाखा, 19:16 तक
अनुराधा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 जून 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:34 – 07:18सामान्य
लाभ07:18 – 09:02शुभ
अमृत09:02 – 10:45शुभ
काल10:45 – 12:29टालें
शुभ12:29 – 14:13शुभ
रोग14:13 – 15:57टालें
उद्वेग15:57 – 17:40टालें
चर17:40 – 19:24सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग19:24 – 20:40टालें
काल20:40 – 21:57टालें
लाभ21:57 – 23:13शुभ
उद्वेग23:13 – 00:29टालें
शुभ00:29 – 01:46शुभ
अमृत01:46 – 03:02शुभ
चर03:02 – 04:18सामान्य
रोग04:18 – 05:35टालें

26 जून 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 22:22 तक
शुक्ल त्रयोदशी 00:43, 28 जून तक
नक्षत्र
विशाखा 19:16 तक
अनुराधा 22:11, 27 जून तक
योग
सिद्ध 11:38 तक
साध्य 12:32, 27 जून तक
करण
बव 09:14 तक
बालव 22:22 तक
कौलव 11:32, 27 जून तक
चंद्र राशि
तुला 12:33 तक
सूर्य राशिमिथुन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:34
सूर्यास्त
19:24
चंद्रोदय
16:32
चंद्रास्त
02:23
दिनमान
13h 50m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:13 – 04:54
अभिजीत मुहूर्त
12:02 – 12:57

अशुभ समय

राहुकाल
10:45 – 12:29
यमगंड
15:57 – 17:40
गुलिक काल
07:18 – 09:02

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:3406:43दिन
बुध06:4307:53दिन
चंद्र07:5309:02दिन
शनि09:0210:11दिन
गुरु10:1111:20दिन
मंगल11:2012:29दिन
सूर्य12:2913:38दिन
शुक्र13:3814:47दिन
बुध14:4715:57दिन
चंद्र15:5717:06दिन
शनि17:0618:15दिन
गुरु18:1519:24दिन
मंगल19:2420:15रात
सूर्य20:1521:06रात
शुक्र21:0621:57रात
बुध21:5722:48रात
चंद्र22:4823:38रात
शनि23:3800:29रात
गुरु00:2901:20रात
मंगल01:2002:11रात
सूर्य02:1103:02रात
शुक्र03:0203:53रात
बुध03:5304:44रात
चंद्र04:4405:35रात

अयनांश 24.2270° (लाहिड़ी)। समय जयपुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।