1 नवंबर 2026 को जयपुर का चौघड़िया

रविवार, 1 नवंबर 2026, जयपुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 1 नवंबर 2026 को जयपुर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (14:52 तक), नक्षत्र पुष्य (04:30, 2 नव॰ तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 06:36 पर और सूर्यास्त 17:44 पर है। राहुकाल 16:20 से 17:44 तक है।

दिन और रात
दिन 06:36 – 17:44
रात 06:37 तक
तिथि
सप्तमी, 14:52 तक
अष्टमी
नक्षत्र
पुष्य, 04:30 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:36 – 07:59टालें
चर07:59 – 09:23सामान्य
लाभ09:23 – 10:46शुभ
अमृत10:46 – 12:10शुभ
काल12:10 – 13:33टालें
शुभ13:33 – 14:57शुभ
रोग14:57 – 16:20टालें
उद्वेग16:20 – 17:44टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:44 – 19:20शुभ
अमृत19:20 – 20:57शुभ
चर20:57 – 22:33सामान्य
रोग22:33 – 00:10टालें
काल00:10 – 01:47टालें
लाभ01:47 – 03:23शुभ
उद्वेग03:23 – 05:00टालें
शुभ05:00 – 06:37शुभ

1 नवंबर 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 14:52 तक
कृष्ण अष्टमी 13:10, 2 नव॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 04:30, 2 नव॰ तक
आश्लेषा 03:46, 3 नव॰ तक
योग
साध्य 14:39 तक
शुभ 12:06, 2 नव॰ तक
करण
बव 14:52 तक
बालव 01:58, 2 नव॰ तक
कौलव 13:10, 2 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:36
सूर्यास्त
17:44
चंद्रोदय
23:45
चंद्रास्त
12:48
दिनमान
11h 8m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:53 – 05:45
अभिजीत मुहूर्त
11:48 – 12:32

अशुभ समय

राहुकाल
16:20 – 17:44
यमगंड
12:10 – 13:33
गुलिक काल
14:57 – 16:20

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:3607:32दिन
शुक्र07:3208:27दिन
बुध08:2709:23दिन
चंद्र09:2310:18दिन
शनि10:1811:14दिन
गुरु11:1412:10दिन
मंगल12:1013:05दिन
सूर्य13:0514:01दिन
शुक्र14:0114:57दिन
बुध14:5715:52दिन
चंद्र15:5216:48दिन
शनि16:4817:44दिन
गुरु17:4418:48रात
मंगल18:4819:52रात
सूर्य19:5220:57रात
शुक्र20:5722:01रात
बुध22:0123:06रात
चंद्र23:0600:10रात
शनि00:1001:15रात
गुरु01:1502:19रात
मंगल02:1903:23रात
सूर्य03:2304:28रात
शुक्र04:2805:32रात
बुध05:3206:37रात

अयनांश 24.2319° (लाहिड़ी)। समय जयपुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।