25 फ़रवरी 2027 को जयपुर का चौघड़िया

गुरुवार, 25 फ़रवरी 2027, जयपुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 25 फ़रवरी 2027 को जयपुर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (20:17 तक), नक्षत्र चित्रा (09:33 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 06:55 पर और सूर्यास्त 18:25 पर है। राहुकाल 14:06 से 15:32 तक है।

दिन और रात
दिन 06:55 – 18:25
रात 06:54 तक
तिथि
पंचमी, 20:17 तक
षष्ठी
नक्षत्र
स्वाति
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 फ़रवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:55 – 08:21शुभ
रोग08:21 – 09:47टालें
उद्वेग09:47 – 11:13टालें
चर11:13 – 12:40सामान्य
लाभ12:40 – 14:06शुभ
अमृत14:06 – 15:32शुभ
काल15:32 – 16:58टालें
शुभ16:58 – 18:25शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:25 – 19:58शुभ
चर19:58 – 21:32सामान्य
रोग21:32 – 23:06टालें
काल23:06 – 00:39टालें
लाभ00:39 – 02:13शुभ
उद्वेग02:13 – 03:46टालें
शुभ03:46 – 05:20शुभ
अमृत05:20 – 06:54शुभ

25 फ़रवरी 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 20:17 तक
कृष्ण षष्ठी 20:43, 26 फ़र॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 09:33 तक
स्वाति 10:13, 26 फ़र॰ तक
योग
वृद्धि 23:04 तक
ध्रुव 22:19, 26 फ़र॰ तक
करण
कौलव 08:23 तक
तैतिल 20:18 तक
गर 08:24, 26 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:55
सूर्यास्त
18:25
चंद्रोदय
23:03
चंद्रास्त
09:20
दिनमान
11h 30m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:15 – 06:05
अभिजीत मुहूर्त
12:17 – 13:03

अशुभ समय

राहुकाल
14:06 – 15:32
यमगंड
06:55 – 08:21
गुलिक काल
09:47 – 11:13

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:5507:52दिन
मंगल07:5208:50दिन
सूर्य08:5009:47दिन
शुक्र09:4710:45दिन
बुध10:4511:42दिन
चंद्र11:4212:40दिन
शनि12:4013:37दिन
गुरु13:3714:35दिन
मंगल14:3515:32दिन
सूर्य15:3216:30दिन
शुक्र16:3017:27दिन
बुध17:2718:25दिन
चंद्र18:2519:27रात
शनि19:2720:29रात
गुरु20:2921:32रात
मंगल21:3222:34रात
सूर्य22:3423:37रात
शुक्र23:3700:39रात
बुध00:3901:42रात
चंद्र01:4202:44रात
शनि02:4403:46रात
गुरु03:4604:49रात
मंगल04:4905:51रात
सूर्य05:5106:54रात

अयनांश 24.2363° (लाहिड़ी)। समय जयपुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।