11 जुलाई 2027 को जयपुर का चौघड़िया

रविवार, 11 जुलाई 2027, जयपुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 11 जुलाई 2027 को जयपुर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (11:50 तक), नक्षत्र चित्रा (23:05 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 05:40 पर और सूर्यास्त 19:24 पर है। राहुकाल 17:41 से 19:24 तक है।

दिन और रात
दिन 05:40 – 19:24
रात 05:40 तक
तिथि
अष्टमी, 11:50 तक
नवमी
नक्षत्र
चित्रा, 23:05 तक
स्वाति
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 जुलाई 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:40 – 07:23टालें
चर07:23 – 09:06सामान्य
लाभ09:06 – 10:49शुभ
अमृत10:49 – 12:32शुभ
काल12:32 – 14:15टालें
शुभ14:15 – 15:58शुभ
रोग15:58 – 17:41टालें
उद्वेग17:41 – 19:24टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ19:24 – 20:41शुभ
अमृत20:41 – 21:58शुभ
चर21:58 – 23:15सामान्य
रोग23:15 – 00:32टालें
काल00:32 – 01:49टालें
लाभ01:49 – 03:06शुभ
उद्वेग03:06 – 04:23टालें
शुभ04:23 – 05:40शुभ

11 जुलाई 2027 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 11:50 तक
शुक्ल नवमी 11:41, 12 जुल॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 23:05 तक
स्वाति 23:56, 12 जुल॰ तक
योग
शिव 14:36 तक
सिद्ध 13:32, 12 जुल॰ तक
करण
बव 11:50 तक
बालव 23:41 तक
कौलव 11:41, 12 जुल॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 10:53 तक
सूर्य राशिमिथुन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:40
सूर्यास्त
19:24
चंद्रोदय
13:08
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
13h 44m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:18 – 04:59
अभिजीत मुहूर्त
12:04 – 12:59

अशुभ समय

राहुकाल
17:41 – 19:24
यमगंड
12:32 – 14:15
गुलिक काल
15:58 – 17:41

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:4006:49दिन
शुक्र06:4907:57दिन
बुध07:5709:06दिन
चंद्र09:0610:15दिन
शनि10:1511:23दिन
गुरु11:2312:32दिन
मंगल12:3213:40दिन
सूर्य13:4014:49दिन
शुक्र14:4915:58दिन
बुध15:5817:06दिन
चंद्र17:0618:15दिन
शनि18:1519:24दिन
गुरु19:2420:15रात
मंगल20:1521:06रात
सूर्य21:0621:58रात
शुक्र21:5822:49रात
बुध22:4923:41रात
चंद्र23:4100:32रात
शनि00:3201:23रात
गुरु01:2302:15रात
मंगल02:1503:06रात
सूर्य03:0603:58रात
शुक्र03:5804:49रात
बुध04:4905:40रात

अयनांश 24.2415° (लाहिड़ी)। समय जयपुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।