7 अगस्त 2027 को जयपुर का चौघड़िया

शनिवार, 7 अगस्त 2027, जयपुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 7 अगस्त 2027 को जयपुर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (23:01 तक), नक्षत्र हस्त (06:25 तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 05:54 पर और सूर्यास्त 19:10 पर है। राहुकाल 09:13 से 10:52 तक है।

दिन और रात
दिन 05:54 – 19:10
रात 05:54 तक
तिथि
षष्ठी, 23:01 तक
सप्तमी
नक्षत्र
चित्रा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 अगस्त 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:54 – 07:33टालें
शुभ07:33 – 09:13शुभ
रोग09:13 – 10:52टालें
उद्वेग10:52 – 12:32टालें
चर12:32 – 14:12सामान्य
लाभ14:12 – 15:51शुभ
अमृत15:51 – 17:31शुभ
काल17:31 – 19:10टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ19:10 – 20:31शुभ
उद्वेग20:31 – 21:51टालें
शुभ21:51 – 23:12शुभ
अमृत23:12 – 00:32शुभ
चर00:32 – 01:53सामान्य
रोग01:53 – 03:13टालें
काल03:13 – 04:34टालें
लाभ04:34 – 05:54शुभ

7 अगस्त 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 23:01 तक
शुक्ल सप्तमी 22:25, 8 अग॰ तक
नक्षत्र
हस्त 06:25 तक
चित्रा 06:01, 8 अग॰ तक
योग
साध्य 22:43 तक
शुभ 21:11, 8 अग॰ तक
करण
कौलव 11:36 तक
तैतिल 23:01 तक
गर 10:37, 8 अग॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 18:07 तक
सूर्य राशिकर्क
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:54
सूर्यास्त
19:10
चंद्रोदय
10:58
चंद्रास्त
22:22
दिनमान
13h 17m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:28 – 05:11
अभिजीत मुहूर्त
12:05 – 12:59

अशुभ समय

राहुकाल
09:13 – 10:52
यमगंड
14:12 – 15:51
गुलिक काल
05:54 – 07:33

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:5407:00दिन
गुरु07:0008:06दिन
मंगल08:0609:13दिन
सूर्य09:1310:19दिन
शुक्र10:1911:26दिन
बुध11:2612:32दिन
चंद्र12:3213:38दिन
शनि13:3814:45दिन
गुरु14:4515:51दिन
मंगल15:5116:58दिन
सूर्य16:5818:04दिन
शुक्र18:0419:10दिन
बुध19:1020:04रात
चंद्र20:0420:58रात
शनि20:5821:51रात
गुरु21:5122:45रात
मंगल22:4523:39रात
सूर्य23:3900:32रात
शुक्र00:3201:26रात
बुध01:2602:20रात
चंद्र02:2003:13रात
शनि03:1304:07रात
गुरु04:0705:01रात
मंगल05:0105:54रात

अयनांश 24.2426° (लाहिड़ी)। समय जयपुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।