10 फ़रवरी 2028 को जयपुर का चौघड़िया

गुरुवार, 10 फ़रवरी 2028, जयपुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 10 फ़रवरी 2028 को जयपुर में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (20:33 तक), नक्षत्र आश्लेषा (01:03, 11 फ़र॰ तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 07:07 पर और सूर्यास्त 18:14 पर है। राहुकाल 14:04 से 15:28 तक है।

दिन और रात
दिन 07:07 – 18:14
रात 07:06 तक
तिथि
पूर्णिमा, 20:33 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
आश्लेषा, 01:03 तक
मघा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 फ़रवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ07:07 – 08:30शुभ
रोग08:30 – 09:54टालें
उद्वेग09:54 – 11:17टालें
चर11:17 – 12:41सामान्य
लाभ12:41 – 14:04शुभ
अमृत14:04 – 15:28शुभ
काल15:28 – 16:51टालें
शुभ16:51 – 18:14शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:14 – 19:51शुभ
चर19:51 – 21:27सामान्य
रोग21:27 – 23:04टालें
काल23:04 – 00:40टालें
लाभ00:40 – 02:17शुभ
उद्वेग02:17 – 03:53टालें
शुभ03:53 – 05:30शुभ
अमृत05:30 – 07:06शुभ

10 फ़रवरी 2028 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
पूर्णिमा 20:33 तक
कृष्ण प्रतिपदा 16:46, 11 फ़र॰ तक
नक्षत्र
आश्लेषा 01:03, 11 फ़र॰ तक
मघा 22:01, 11 फ़र॰ तक
योग
सौभाग्य 19:09 तक
शोभन 14:49, 11 फ़र॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 10:26 तक
बव 20:33 तक
बालव 06:39, 11 फ़र॰ तक
कौलव 16:46, 11 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 01:03, 11 फ़र॰ तक
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:07
सूर्यास्त
18:14
चंद्रोदय
18:06
चंद्रास्त
06:40
दिनमान
11h 8m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:24 – 06:15
अभिजीत मुहूर्त
12:18 – 13:03

अशुभ समय

राहुकाल
14:04 – 15:28
यमगंड
07:07 – 08:30
गुलिक काल
09:54 – 11:17

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु07:0708:03दिन
मंगल08:0308:58दिन
सूर्य08:5809:54दिन
शुक्र09:5410:49दिन
बुध10:4911:45दिन
चंद्र11:4512:41दिन
शनि12:4113:36दिन
गुरु13:3614:32दिन
मंगल14:3215:28दिन
सूर्य15:2816:23दिन
शुक्र16:2317:19दिन
बुध17:1918:14दिन
चंद्र18:1419:19रात
शनि19:1920:23रात
गुरु20:2321:27रात
मंगल21:2722:32रात
सूर्य22:3223:36रात
शुक्र23:3600:40रात
बुध00:4001:45रात
चंद्र01:4502:49रात
शनि02:4903:53रात
गुरु03:5304:58रात
मंगल04:5806:02रात
सूर्य06:0207:06रात

अयनांश 24.2497° (लाहिड़ी)। समय जयपुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।