10 अप्रैल 2028 को जयपुर का चौघड़िया

सोमवार, 10 अप्रैल 2028, जयपुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 10 अप्रैल 2028 को जयपुर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (12:58 तक), नक्षत्र चित्रा (09:37 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 06:07 पर और सूर्यास्त 18:48 पर है। राहुकाल 07:42 से 09:18 तक है।

दिन और रात
दिन 06:07 – 18:48
रात 06:06 तक
तिथि
प्रतिपदा, 12:58 तक
द्वितीया
नक्षत्र
चित्रा, 09:37 तक
स्वाति
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 अप्रैल 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:07 – 07:42शुभ
काल07:42 – 09:18टालें
शुभ09:18 – 10:53शुभ
रोग10:53 – 12:28टालें
उद्वेग12:28 – 14:03टालें
चर14:03 – 15:38सामान्य
लाभ15:38 – 17:13शुभ
अमृत17:13 – 18:48शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:48 – 20:13सामान्य
रोग20:13 – 21:38टालें
काल21:38 – 23:02टालें
लाभ23:02 – 00:27शुभ
उद्वेग00:27 – 01:52टालें
शुभ01:52 – 03:17शुभ
अमृत03:17 – 04:42शुभ
चर04:42 – 06:06सामान्य

10 अप्रैल 2028 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 12:58 तक
कृष्ण द्वितीया 10:29, 11 अप्रैल तक
नक्षत्र
चित्रा 09:37 तक
स्वाति 07:49, 11 अप्रैल तक
योग
हर्षण 14:56 तक
वज्रअशुभ 11:48, 11 अप्रैल तक
करण
कौलव 12:58 तक
तैतिल 23:39 तक
गर 10:29, 11 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:07
सूर्यास्त
18:48
चंद्रोदय
20:02
चंद्रास्त
06:18
दिनमान
12h 41m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:37 – 05:22
अभिजीत मुहूर्त
12:02 – 12:53

अशुभ समय

राहुकाल
07:42 – 09:18
यमगंड
10:53 – 12:28
गुलिक काल
14:03 – 15:38

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:0707:11दिन
शनि07:1108:14दिन
गुरु08:1409:18दिन
मंगल09:1810:21दिन
सूर्य10:2111:24दिन
शुक्र11:2412:28दिन
बुध12:2813:31दिन
चंद्र13:3114:35दिन
शनि14:3515:38दिन
गुरु15:3816:41दिन
मंगल16:4117:45दिन
सूर्य17:4518:48दिन
शुक्र18:4819:45रात
बुध19:4520:41रात
चंद्र20:4121:38रात
शनि21:3822:34रात
गुरु22:3423:31रात
मंगल23:3100:27रात
सूर्य00:2701:24रात
शुक्र01:2402:20रात
बुध02:2003:17रात
चंद्र03:1704:13रात
शनि04:1305:10रात
गुरु05:1006:06रात

अयनांश 24.2520° (लाहिड़ी)। समय जयपुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।