1 जुलाई 2028 को जयपुर का चौघड़िया

शनिवार, 1 जुलाई 2028, जयपुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 1 जुलाई 2028 को जयपुर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (01:14, 2 जुल॰ तक), नक्षत्र चित्रा (08:34 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 05:36 पर और सूर्यास्त 19:24 पर है। राहुकाल 09:03 से 10:47 तक है।

दिन और रात
दिन 05:36 – 19:24
रात 05:37 तक
तिथि
दशमी, 01:14 तक
एकादशी
नक्षत्र
चित्रा, 08:34 तक
स्वाति
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 जुलाई 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:36 – 07:20टालें
शुभ07:20 – 09:03शुभ
रोग09:03 – 10:47टालें
उद्वेग10:47 – 12:30टालें
चर12:30 – 14:14सामान्य
लाभ14:14 – 15:57शुभ
अमृत15:57 – 17:41शुभ
काल17:41 – 19:24टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ19:24 – 20:41शुभ
उद्वेग20:41 – 21:57टालें
शुभ21:57 – 23:14शुभ
अमृत23:14 – 00:30शुभ
चर00:30 – 01:47सामान्य
रोग01:47 – 03:03टालें
काल03:03 – 04:20टालें
लाभ04:20 – 05:37शुभ

1 जुलाई 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल दशमी 01:14, 2 जुल॰ तक
शुक्ल एकादशी 00:04, 3 जुल॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 08:34 तक
स्वाति 07:53, 2 जुल॰ तक
योग
शिव 15:47 तक
सिद्ध 13:41, 2 जुल॰ तक
करण
तैतिल 13:58 तक
गर 01:14, 2 जुल॰ तक
वणिज 12:36, 2 जुल॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमिथुन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:36
सूर्यास्त
19:24
चंद्रोदय
14:26
चंद्रास्त
00:47
दिनमान
13h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:15 – 04:55
अभिजीत मुहूर्त
12:03 – 12:58

अशुभ समय

राहुकाल
09:03 – 10:47
यमगंड
14:14 – 15:57
गुलिक काल
05:36 – 07:20

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:3606:45दिन
गुरु06:4507:54दिन
मंगल07:5409:03दिन
सूर्य09:0310:12दिन
शुक्र10:1211:21दिन
बुध11:2112:30दिन
चंद्र12:3013:39दिन
शनि13:3914:48दिन
गुरु14:4815:57दिन
मंगल15:5717:06दिन
सूर्य17:0618:15दिन
शुक्र18:1519:24दिन
बुध19:2420:15रात
चंद्र20:1521:06रात
शनि21:0621:57रात
गुरु21:5722:48रात
मंगल22:4823:39रात
सूर्य23:3900:30रात
शुक्र00:3001:21रात
बुध01:2102:12रात
चंद्र02:1203:03रात
शनि03:0303:54रात
गुरु03:5404:46रात
मंगल04:4605:37रात

अयनांश 24.2551° (लाहिड़ी)। समय जयपुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।