24 अगस्त 2028 को जयपुर का चौघड़िया

गुरुवार, 24 अगस्त 2028, जयपुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 24 अगस्त 2028 को जयपुर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (23:10 तक), नक्षत्र चित्रा (21:15 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 06:02 पर और सूर्यास्त 18:55 पर है। राहुकाल 14:05 से 15:42 तक है।

दिन और रात
दिन 06:02 – 18:55
रात 06:03 तक
तिथि
पंचमी, 23:10 तक
षष्ठी
नक्षत्र
चित्रा, 21:15 तक
स्वाति
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 अगस्त 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:02 – 07:39शुभ
रोग07:39 – 09:15टालें
उद्वेग09:15 – 10:52टालें
चर10:52 – 12:28सामान्य
लाभ12:28 – 14:05शुभ
अमृत14:05 – 15:42शुभ
काल15:42 – 17:18टालें
शुभ17:18 – 18:55शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:55 – 20:18शुभ
चर20:18 – 21:42सामान्य
रोग21:42 – 23:05टालें
काल23:05 – 00:29टालें
लाभ00:29 – 01:52शुभ
उद्वेग01:52 – 03:16टालें
शुभ03:16 – 04:39शुभ
अमृत04:39 – 06:03शुभ

24 अगस्त 2028 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 23:10 तक
शुक्ल षष्ठी 21:00, 25 अग॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 21:15 तक
स्वाति 19:49, 25 अग॰ तक
योग
शुभ 09:13 तक
शुक्ल 06:03, 25 अग॰ तक
ब्रह्म 03:23, 26 अग॰ तक
करण
बव 12:28 तक
बालव 23:10 तक
कौलव 10:00, 25 अग॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 10:11 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:02
सूर्यास्त
18:55
चंद्रोदय
10:06
चंद्रास्त
21:25
दिनमान
12h 52m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:33 – 05:18
अभिजीत मुहूर्त
12:03 – 12:54

अशुभ समय

राहुकाल
14:05 – 15:42
यमगंड
06:02 – 07:39
गुलिक काल
09:15 – 10:52

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:0207:07दिन
मंगल07:0708:11दिन
सूर्य08:1109:15दिन
शुक्र09:1510:20दिन
बुध10:2011:24दिन
चंद्र11:2412:28दिन
शनि12:2813:33दिन
गुरु13:3314:37दिन
मंगल14:3715:42दिन
सूर्य15:4216:46दिन
शुक्र16:4617:50दिन
बुध17:5018:55दिन
चंद्र18:5519:50रात
शनि19:5020:46रात
गुरु20:4621:42रात
मंगल21:4222:37रात
सूर्य22:3723:33रात
शुक्र23:3300:29रात
बुध00:2901:24रात
चंद्र01:2402:20रात
शनि02:2003:16रात
गुरु03:1604:11रात
मंगल04:1105:07रात
सूर्य05:0706:03रात

अयनांश 24.2572° (लाहिड़ी)। समय जयपुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।