13 दिसंबर 2028 को जयपुर का चौघड़िया

बुधवार, 13 दिसंबर 2028, जयपुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 13 दिसंबर 2028 को जयपुर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (12:56 तक), नक्षत्र स्वाति (10:19 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 07:07 पर और सूर्यास्त 17:35 पर है। राहुकाल 12:21 से 13:39 तक है।

दिन और रात
दिन 07:07 – 17:35
रात 07:07 तक
तिथि
द्वादशी, 12:56 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
स्वाति, 10:19 तक
विशाखा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 दिसंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ07:07 – 08:25शुभ
अमृत08:25 – 09:44शुभ
काल09:44 – 11:02टालें
शुभ11:02 – 12:21शुभ
रोग12:21 – 13:39टालें
उद्वेग13:39 – 14:58टालें
चर14:58 – 16:16सामान्य
लाभ16:16 – 17:35शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:35 – 19:16टालें
शुभ19:16 – 20:58शुभ
अमृत20:58 – 22:39शुभ
चर22:39 – 00:21सामान्य
रोग00:21 – 02:03टालें
काल02:03 – 03:44टालें
लाभ03:44 – 05:26शुभ
उद्वेग05:26 – 07:07टालें

13 दिसंबर 2028 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 12:56 तक
कृष्ण त्रयोदशी 10:50, 14 दिस॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 10:19 तक
विशाखा 08:53, 14 दिस॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 14:21 तक
सुकर्मा 11:26, 14 दिस॰ तक
करण
तैतिल 12:56 तक
गर 23:51 तक
वणिज 10:50, 14 दिस॰ तक
चंद्र राशि
तुला 03:13, 14 दिस॰ तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:07
सूर्यास्त
17:35
चंद्रोदय
04:06
चंद्रास्त
15:03
दिनमान
10h 28m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:18 – 06:12
अभिजीत मुहूर्त
12:00 – 12:42 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:21 – 13:39
यमगंड
08:25 – 09:44
गुलिक काल
11:02 – 12:21

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध07:0707:59दिन
चंद्र07:5908:51दिन
शनि08:5109:44दिन
गुरु09:4410:36दिन
मंगल10:3611:28दिन
सूर्य11:2812:21दिन
शुक्र12:2113:13दिन
बुध13:1314:05दिन
चंद्र14:0514:58दिन
शनि14:5815:50दिन
गुरु15:5016:42दिन
मंगल16:4217:35दिन
सूर्य17:3518:42रात
शुक्र18:4219:50रात
बुध19:5020:58रात
चंद्र20:5822:06रात
शनि22:0623:13रात
गुरु23:1300:21रात
मंगल00:2101:29रात
सूर्य01:2902:36रात
शुक्र02:3603:44रात
बुध03:4404:52रात
चंद्र04:5205:59रात
शनि05:5907:07रात

अयनांश 24.2615° (लाहिड़ी)। समय जयपुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।