3 जून 2029 को जयपुर का चौघड़िया

रविवार, 3 जून 2029, जयपुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 3 जून 2029 को जयपुर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (17:58 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (05:43 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 05:32 पर और सूर्यास्त 19:17 पर है। राहुकाल 17:34 से 19:17 तक है।

दिन और रात
दिन 05:32 – 19:17
रात 05:32 तक
तिथि
सप्तमी, 17:58 तक
अष्टमी
नक्षत्र
शतभिषा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 जून 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:32 – 07:15टालें
चर07:15 – 08:58सामान्य
लाभ08:58 – 10:42शुभ
अमृत10:42 – 12:25शुभ
काल12:25 – 14:08टालें
शुभ14:08 – 15:51शुभ
रोग15:51 – 17:34टालें
उद्वेग17:34 – 19:17टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ19:17 – 20:34शुभ
अमृत20:34 – 21:51शुभ
चर21:51 – 23:08सामान्य
रोग23:08 – 00:25टालें
काल00:25 – 01:41टालें
लाभ01:41 – 02:58शुभ
उद्वेग02:58 – 04:15टालें
शुभ04:15 – 05:32शुभ

3 जून 2029 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 17:58 तक
कृष्ण अष्टमी 19:46, 4 जून तक
नक्षत्र
शतभिषा 07:53, 4 जून तक
योग
वैधृतिअशुभ 14:32 तक
विष्कंभअशुभ 14:56, 4 जून तक
करण
बव 17:58 तक
बालव 06:48, 4 जून तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृषभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:32
सूर्यास्त
19:17
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
11:43
दिनमान
13h 45m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:10 – 04:51
अभिजीत मुहूर्त
11:57 – 12:52

अशुभ समय

राहुकाल
17:34 – 19:17
यमगंड
12:25 – 14:08
गुलिक काल
15:51 – 17:34

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:3206:41दिन
शुक्र06:4107:50दिन
बुध07:5008:58दिन
चंद्र08:5810:07दिन
शनि10:0711:16दिन
गुरु11:1612:25दिन
मंगल12:2513:33दिन
सूर्य13:3314:42दिन
शुक्र14:4215:51दिन
बुध15:5117:00दिन
चंद्र17:0018:08दिन
शनि18:0819:17दिन
गुरु19:1720:08रात
मंगल20:0820:59रात
सूर्य20:5921:51रात
शुक्र21:5122:42रात
बुध22:4223:33रात
चंद्र23:3300:25रात
शनि00:2501:16रात
गुरु01:1602:07रात
मंगल02:0702:58रात
सूर्य02:5803:50रात
शुक्र03:5004:41रात
बुध04:4105:32रात

अयनांश 24.2680° (लाहिड़ी)। समय जयपुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।