22 जून 2029 को जयपुर का चौघड़िया

शुक्रवार, 22 जून 2029, जयपुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 22 जून 2029 को जयपुर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (18:34 तक), नक्षत्र स्वाति (20:01 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 05:33 पर और सूर्यास्त 19:23 पर है। राहुकाल 10:45 से 12:28 तक है।

दिन और रात
दिन 05:33 – 19:23
रात 05:34 तक
तिथि
एकादशी, 18:34 तक
द्वादशी
नक्षत्र
स्वाति, 20:01 तक
विशाखा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 जून 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:33 – 07:17सामान्य
लाभ07:17 – 09:01शुभ
अमृत09:01 – 10:45शुभ
काल10:45 – 12:28टालें
शुभ12:28 – 14:12शुभ
रोग14:12 – 15:56टालें
उद्वेग15:56 – 17:40टालें
चर17:40 – 19:23सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग19:23 – 20:40टालें
काल20:40 – 21:56टालें
लाभ21:56 – 23:12शुभ
उद्वेग23:12 – 00:29टालें
शुभ00:29 – 01:45शुभ
अमृत01:45 – 03:01शुभ
चर03:01 – 04:17सामान्य
रोग04:17 – 05:34टालें

22 जून 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 18:34 तक
शुक्ल द्वादशी 15:53, 23 जून तक
नक्षत्र
स्वाति 20:01 तक
विशाखा 18:08, 23 जून तक
योग
शिव 19:12 तक
सिद्ध 15:57, 23 जून तक
करण
वणिज 07:55 तक
विष्टि (भद्रा) 18:34 तक
बव 05:13, 23 जून तक
बालव 15:53, 23 जून तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमिथुन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:33
सूर्यास्त
19:23
चंद्रोदय
15:36
चंद्रास्त
01:46
दिनमान
13h 50m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:12 – 04:53
अभिजीत मुहूर्त
12:01 – 12:56

अशुभ समय

राहुकाल
10:45 – 12:28
यमगंड
15:56 – 17:40
गुलिक काल
07:17 – 09:01

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:3306:43दिन
बुध06:4307:52दिन
चंद्र07:5209:01दिन
शनि09:0110:10दिन
गुरु10:1011:19दिन
मंगल11:1912:28दिन
सूर्य12:2813:38दिन
शुक्र13:3814:47दिन
बुध14:4715:56दिन
चंद्र15:5617:05दिन
शनि17:0518:14दिन
गुरु18:1419:23दिन
मंगल19:2320:14रात
सूर्य20:1421:05रात
शुक्र21:0521:56रात
बुध21:5622:47रात
चंद्र22:4723:38रात
शनि23:3800:29रात
गुरु00:2901:19रात
मंगल01:1902:10रात
सूर्य02:1003:01रात
शुक्र03:0103:52रात
बुध03:5204:43रात
चंद्र04:4305:34रात

अयनांश 24.2688° (लाहिड़ी)। समय जयपुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।