18 जुलाई 2029 को जयपुर का चौघड़िया

बुधवार, 18 जुलाई 2029, जयपुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 18 जुलाई 2029 को जयपुर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (08:53 तक), नक्षत्र चित्रा (03:39, 19 जुल॰ तक) और योग शिव है। सूर्योदय 05:44 पर और सूर्यास्त 19:21 पर है। राहुकाल 12:32 से 14:15 तक है।

दिन और रात
दिन 05:44 – 19:21
रात 05:44 तक
तिथि
सप्तमी, 08:53 तक
अष्टमी
नक्षत्र
चित्रा, 03:39 तक
स्वाति
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 जुलाई 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:44 – 07:26शुभ
अमृत07:26 – 09:08शुभ
काल09:08 – 10:50टालें
शुभ10:50 – 12:32शुभ
रोग12:32 – 14:15टालें
उद्वेग14:15 – 15:57टालें
चर15:57 – 17:39सामान्य
लाभ17:39 – 19:21शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग19:21 – 20:39टालें
शुभ20:39 – 21:57शुभ
अमृत21:57 – 23:15शुभ
चर23:15 – 00:33सामान्य
रोग00:33 – 01:51टालें
काल01:51 – 03:08टालें
लाभ03:08 – 04:26शुभ
उद्वेग04:26 – 05:44टालें

18 जुलाई 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 08:53 तक
शुक्ल अष्टमी 06:35, 19 जुल॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 03:39, 19 जुल॰ तक
स्वाति 02:12, 20 जुल॰ तक
योग
शिव 08:14 तक
सिद्ध 05:19, 19 जुल॰ तक
साध्य 02:26, 20 जुल॰ तक
करण
वणिज 08:53 तक
विष्टि (भद्रा) 19:44 तक
बव 06:35, 19 जुल॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 16:25 तक
सूर्य राशिकर्क
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:44
सूर्यास्त
19:21
चंद्रोदय
12:22
चंद्रास्त
23:45
दिनमान
13h 38m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:21 – 05:02
अभिजीत मुहूर्त
12:05 – 13:00 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:32 – 14:15
यमगंड
07:26 – 09:08
गुलिक काल
10:50 – 12:32

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:4406:52दिन
चंद्र06:5208:00दिन
शनि08:0009:08दिन
गुरु09:0810:16दिन
मंगल10:1611:24दिन
सूर्य11:2412:32दिन
शुक्र12:3213:41दिन
बुध13:4114:49दिन
चंद्र14:4915:57दिन
शनि15:5717:05दिन
गुरु17:0518:13दिन
मंगल18:1319:21दिन
सूर्य19:2120:13रात
शुक्र20:1321:05रात
बुध21:0521:57रात
चंद्र21:5722:49रात
शनि22:4923:41रात
गुरु23:4100:33रात
मंगल00:3301:25रात
सूर्य01:2502:17रात
शुक्र02:1703:08रात
बुध03:0804:00रात
चंद्र04:0004:52रात
शनि04:5205:44रात

अयनांश 24.2698° (लाहिड़ी)। समय जयपुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।