20 सितंबर 2029 को जयपुर का चौघड़िया

गुरुवार, 20 सितंबर 2029, जयपुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 20 सितंबर 2029 को जयपुर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (18:57 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (13:18 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 06:14 पर और सूर्यास्त 18:25 पर है। राहुकाल 13:51 से 15:22 तक है।

दिन और रात
दिन 06:14 – 18:25
रात 06:14 तक
तिथि
त्रयोदशी, 18:57 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
धनिष्ठा, 13:18 तक
शतभिषा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 सितंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:14 – 07:45शुभ
रोग07:45 – 09:17टालें
उद्वेग09:17 – 10:48टालें
चर10:48 – 12:20सामान्य
लाभ12:20 – 13:51शुभ
अमृत13:51 – 15:22शुभ
काल15:22 – 16:54टालें
शुभ16:54 – 18:25शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:25 – 19:54शुभ
चर19:54 – 21:22सामान्य
रोग21:22 – 22:51टालें
काल22:51 – 00:20टालें
लाभ00:20 – 01:48शुभ
उद्वेग01:48 – 03:17टालें
शुभ03:17 – 04:46शुभ
अमृत04:46 – 06:14शुभ

20 सितंबर 2029 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 18:57 तक
शुक्ल चतुर्दशी 20:18, 21 सित॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 15:10, 21 सित॰ तक
योग
धृति 01:11, 21 सित॰ तक
शूलअशुभ 01:16, 22 सित॰ तक
करण
कौलव 06:25 तक
तैतिल 18:57 तक
गर 07:35, 21 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:14
सूर्यास्त
18:25
चंद्रोदय
16:54
चंद्रास्त
03:59
दिनमान
12h 11m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:40 – 05:27
अभिजीत मुहूर्त
11:55 – 12:44

अशुभ समय

राहुकाल
13:51 – 15:22
यमगंड
06:14 – 07:45
गुलिक काल
09:17 – 10:48

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:1407:15दिन
मंगल07:1508:16दिन
सूर्य08:1609:17दिन
शुक्र09:1710:18दिन
बुध10:1811:19दिन
चंद्र11:1912:20दिन
शनि12:2013:20दिन
गुरु13:2014:21दिन
मंगल14:2115:22दिन
सूर्य15:2216:23दिन
शुक्र16:2317:24दिन
बुध17:2418:25दिन
चंद्र18:2519:24रात
शनि19:2420:23रात
गुरु20:2321:22रात
मंगल21:2222:22रात
सूर्य22:2223:21रात
शुक्र23:2100:20रात
बुध00:2001:19रात
चंद्र01:1902:18रात
शनि02:1803:17रात
गुरु03:1704:16रात
मंगल04:1605:15रात
सूर्य05:1506:14रात

अयनांश 24.2722° (लाहिड़ी)। समय जयपुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।