31 अगस्त 2025 को जामनगर का चौघड़िया

रविवार, 31 अगस्त 2025, जामनगर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 31 अगस्त 2025 को जामनगर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (00:58, 1 सित॰ तक), नक्षत्र अनुराधा (17:27 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 06:32 पर और सूर्यास्त 19:07 पर है। राहुकाल 17:33 से 19:07 तक है।

दिन और रात
दिन 06:32 – 19:07
रात 06:32 तक
तिथि
अष्टमी, 00:58 तक
नवमी
नक्षत्र
अनुराधा, 17:27 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 अगस्त 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:32 – 08:06टालें
चर08:06 – 09:41सामान्य
लाभ09:41 – 11:15शुभ
अमृत11:15 – 12:49शुभ
काल12:49 – 14:24टालें
शुभ14:24 – 15:58शुभ
रोग15:58 – 17:33टालें
उद्वेग17:33 – 19:07टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ19:07 – 20:33शुभ
अमृत20:33 – 21:58शुभ
चर21:58 – 23:24सामान्य
रोग23:24 – 00:50टालें
काल00:50 – 02:15टालें
लाभ02:15 – 03:41शुभ
उद्वेग03:41 – 05:06टालें
शुभ05:06 – 06:32शुभ

31 अगस्त 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 00:58, 1 सित॰ तक
शुक्ल नवमी 02:43, 2 सित॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 19:55, 1 सित॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 15:59 तक
विष्कंभअशुभ 16:31, 1 सित॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 11:55 तक
बव 00:58, 1 सित॰ तक
बालव 13:54, 1 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:32
सूर्यास्त
19:07
चंद्रोदय
13:24
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
12h 35m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:01 – 05:46
अभिजीत मुहूर्त
12:24 – 13:15

अशुभ समय

राहुकाल
17:33 – 19:07
यमगंड
12:49 – 14:24
गुलिक काल
15:58 – 17:33

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:3207:35दिन
शुक्र07:3508:38दिन
बुध08:3809:41दिन
चंद्र09:4110:43दिन
शनि10:4311:46दिन
गुरु11:4612:49दिन
मंगल12:4913:52दिन
सूर्य13:5214:55दिन
शुक्र14:5515:58दिन
बुध15:5817:01दिन
चंद्र17:0118:04दिन
शनि18:0419:07दिन
गुरु19:0720:04रात
मंगल20:0421:01रात
सूर्य21:0121:58रात
शुक्र21:5822:55रात
बुध22:5523:52रात
चंद्र23:5200:50रात
शनि00:5001:47रात
गुरु01:4702:44रात
मंगल02:4403:41रात
सूर्य03:4104:38रात
शुक्र04:3805:35रात
बुध05:3506:32रात

अयनांश 24.2156° (लाहिड़ी)। समय जामनगर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।