20 जनवरी 2025 को जूनागढ़ का चौघड़िया

सोमवार, 20 जनवरी 2025, जूनागढ़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 20 जनवरी 2025 को जूनागढ़ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (09:59 तक), नक्षत्र हस्त (20:30 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 07:28 पर और सूर्यास्त 18:30 पर है। राहुकाल 08:51 से 10:13 तक है।

दिन और रात
दिन 07:28 – 18:30
रात 07:28 तक
तिथि
सप्तमी
नक्षत्र
हस्त, 20:30 तक
चित्रा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:28 – 08:51शुभ
काल08:51 – 10:13टालें
शुभ10:13 – 11:36शुभ
रोग11:36 – 12:59टालें
उद्वेग12:59 – 14:21टालें
चर14:21 – 15:44सामान्य
लाभ15:44 – 17:07शुभ
अमृत17:07 – 18:30शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:30 – 20:07सामान्य
रोग20:07 – 21:44टालें
काल21:44 – 23:21टालें
लाभ23:21 – 00:59शुभ
उद्वेग00:59 – 02:36टालें
शुभ02:36 – 04:13शुभ
अमृत04:13 – 05:51शुभ
चर05:51 – 07:28सामान्य

20 जनवरी 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 09:59 तक
कृष्ण सप्तमी 12:40, 21 जन॰ तक
नक्षत्र
हस्त 20:30 तक
चित्रा 23:36, 21 जन॰ तक
योग
सुकर्मा 02:52, 21 जन॰ तक
धृति 03:49, 22 जन॰ तक
करण
वणिज 09:59 तक
विष्टि (भद्रा) 23:18 तक
बव 12:40, 21 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:28
सूर्यास्त
18:30
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
11:24
दिनमान
11h 2m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:44 – 06:36
अभिजीत मुहूर्त
12:37 – 13:21

अशुभ समय

राहुकाल
08:51 – 10:13
यमगंड
11:36 – 12:59
गुलिक काल
14:21 – 15:44

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:2808:23दिन
शनि08:2309:18दिन
गुरु09:1810:13दिन
मंगल10:1311:08दिन
सूर्य11:0812:04दिन
शुक्र12:0412:59दिन
बुध12:5913:54दिन
चंद्र13:5414:49दिन
शनि14:4915:44दिन
गुरु15:4416:39दिन
मंगल16:3917:34दिन
सूर्य17:3418:30दिन
शुक्र18:3019:34रात
बुध19:3420:39रात
चंद्र20:3921:44रात
शनि21:4422:49रात
गुरु22:4923:54रात
मंगल23:5400:59रात
सूर्य00:5902:04रात
शुक्र02:0403:08रात
बुध03:0804:13रात
चंद्र04:1305:18रात
शनि05:1806:23रात
गुरु06:2307:28रात

अयनांश 24.2070° (लाहिड़ी)। समय जूनागढ़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।