10 मार्च 2025 को जूनागढ़ का चौघड़िया

सोमवार, 10 मार्च 2025, जूनागढ़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 10 मार्च 2025 को जूनागढ़ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (07:45 तक), नक्षत्र पुष्य (00:51, 11 मार्च तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 07:01 पर और सूर्यास्त 18:55 पर है। राहुकाल 08:30 से 09:59 तक है।

दिन और रात
दिन 07:01 – 18:55
रात 07:00 तक
तिथि
द्वादशी
नक्षत्र
पुष्य, 00:51 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:01 – 08:30शुभ
काल08:30 – 09:59टालें
शुभ09:59 – 11:29शुभ
रोग11:29 – 12:58टालें
उद्वेग12:58 – 14:27टालें
चर14:27 – 15:57सामान्य
लाभ15:57 – 17:26शुभ
अमृत17:26 – 18:55शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:55 – 20:26सामान्य
रोग20:26 – 21:56टालें
काल21:56 – 23:27टालें
लाभ23:27 – 00:58शुभ
उद्वेग00:58 – 02:28टालें
शुभ02:28 – 03:59शुभ
अमृत03:59 – 05:29शुभ
चर05:29 – 07:00सामान्य

10 मार्च 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 07:45 तक
शुक्ल द्वादशी 08:14, 11 मार्च तक
नक्षत्र
पुष्य 00:51, 11 मार्च तक
आश्लेषा 02:15, 12 मार्च तक
योग
शोभन 13:56 तक
अतिगंडअशुभ 13:17, 11 मार्च तक
करण
विष्टि (भद्रा) 07:45 तक
बव 19:56 तक
बालव 08:14, 11 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:01
सूर्यास्त
18:55
चंद्रोदय
15:34
चंद्रास्त
04:30
दिनमान
11h 55m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:24 – 06:12
अभिजीत मुहूर्त
12:34 – 13:22

अशुभ समय

राहुकाल
08:30 – 09:59
यमगंड
11:29 – 12:58
गुलिक काल
14:27 – 15:57

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:0108:00दिन
शनि08:0009:00दिन
गुरु09:0009:59दिन
मंगल09:5910:59दिन
सूर्य10:5911:58दिन
शुक्र11:5812:58दिन
बुध12:5813:58दिन
चंद्र13:5814:57दिन
शनि14:5715:57दिन
गुरु15:5716:56दिन
मंगल16:5617:56दिन
सूर्य17:5618:55दिन
शुक्र18:5519:56रात
बुध19:5620:56रात
चंद्र20:5621:56रात
शनि21:5622:57रात
गुरु22:5723:57रात
मंगल23:5700:58रात
सूर्य00:5801:58रात
शुक्र01:5802:58रात
बुध02:5803:59रात
चंद्र03:5904:59रात
शनि04:5906:00रात
गुरु06:0007:00रात

अयनांश 24.2089° (लाहिड़ी)। समय जूनागढ़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।