4 अक्टूबर 2025 को जूनागढ़ का चौघड़िया

शनिवार, 4 अक्टूबर 2025, जूनागढ़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 4 अक्टूबर 2025 को जूनागढ़ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (17:09 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (09:09 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 06:40 पर और सूर्यास्त 18:33 पर है। राहुकाल 09:38 से 11:07 तक है।

दिन और रात
दिन 06:40 – 18:33
रात 06:40 तक
तिथि
द्वादशी, 17:09 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
शतभिषा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:40 – 08:09टालें
शुभ08:09 – 09:38शुभ
रोग09:38 – 11:07टालें
उद्वेग11:07 – 12:36टालें
चर12:36 – 14:05सामान्य
लाभ14:05 – 15:34शुभ
अमृत15:34 – 17:04शुभ
काल17:04 – 18:33टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:33 – 20:04शुभ
उद्वेग20:04 – 21:35टालें
शुभ21:35 – 23:05शुभ
अमृत23:05 – 00:36शुभ
चर00:36 – 02:07सामान्य
रोग02:07 – 03:38टालें
काल03:38 – 05:09टालें
लाभ05:09 – 06:40शुभ

4 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 17:09 तक
शुक्ल त्रयोदशी 15:04, 5 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 08:01, 5 अक्टू॰ तक
योग
शूलअशुभ 19:26 तक
गंडअशुभ 16:34, 5 अक्टू॰ तक
करण
बालव 17:09 तक
कौलव 04:12, 5 अक्टू॰ तक
तैतिल 15:04, 5 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:40
सूर्यास्त
18:33
चंद्रोदय
16:42
चंद्रास्त
03:35
दिनमान
11h 53m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:03 – 05:51
अभिजीत मुहूर्त
12:12 – 13:00

अशुभ समय

राहुकाल
09:38 – 11:07
यमगंड
14:05 – 15:34
गुलिक काल
06:40 – 08:09

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:4007:39दिन
गुरु07:3908:39दिन
मंगल08:3909:38दिन
सूर्य09:3810:37दिन
शुक्र10:3711:37दिन
बुध11:3712:36दिन
चंद्र12:3613:36दिन
शनि13:3614:35दिन
गुरु14:3515:34दिन
मंगल15:3416:34दिन
सूर्य16:3417:33दिन
शुक्र17:3318:33दिन
बुध18:3319:33रात
चंद्र19:3320:34रात
शनि20:3421:35रात
गुरु21:3522:35रात
मंगल22:3523:36रात
सूर्य23:3600:36रात
शुक्र00:3601:37रात
बुध01:3702:38रात
चंद्र02:3803:38रात
शनि03:3804:39रात
गुरु04:3905:39रात
मंगल05:3906:40रात

अयनांश 24.2169° (लाहिड़ी)। समय जूनागढ़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।