10 जनवरी 2026 को जूनागढ़ का चौघड़िया

शनिवार, 10 जनवरी 2026, जूनागढ़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 10 जनवरी 2026 को जूनागढ़ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (08:24 तक), नक्षत्र हस्त (15:39 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 07:28 पर और सूर्यास्त 18:23 पर है। राहुकाल 10:11 से 11:33 तक है।

दिन और रात
दिन 07:28 – 18:23
रात 07:28 तक
तिथि
अष्टमी
नक्षत्र
हस्त, 15:39 तक
चित्रा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:28 – 08:50टालें
शुभ08:50 – 10:11शुभ
रोग10:11 – 11:33टालें
उद्वेग11:33 – 12:55टालें
चर12:55 – 14:17सामान्य
लाभ14:17 – 15:39शुभ
अमृत15:39 – 17:01शुभ
काल17:01 – 18:23टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:23 – 20:01शुभ
उद्वेग20:01 – 21:39टालें
शुभ21:39 – 23:17शुभ
अमृत23:17 – 00:55शुभ
चर00:55 – 02:33सामान्य
रोग02:33 – 04:12टालें
काल04:12 – 05:50टालें
लाभ05:50 – 07:28शुभ

10 जनवरी 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 08:24 तक
कृष्ण अष्टमी 10:20, 11 जन॰ तक
नक्षत्र
हस्त 15:39 तक
चित्रा 18:12, 11 जन॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 16:58 तक
सुकर्मा 17:27, 11 जन॰ तक
करण
बव 08:24 तक
बालव 21:18 तक
कौलव 10:20, 11 जन॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 04:52, 11 जन॰ तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:28
सूर्यास्त
18:23
चंद्रोदय
00:12
चंद्रास्त
12:07
दिनमान
10h 55m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:43 – 06:35
अभिजीत मुहूर्त
12:33 – 13:17

अशुभ समय

राहुकाल
10:11 – 11:33
यमगंड
14:17 – 15:39
गुलिक काल
07:28 – 08:50

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:2808:22दिन
गुरु08:2209:17दिन
मंगल09:1710:11दिन
सूर्य10:1111:06दिन
शुक्र11:0612:01दिन
बुध12:0112:55दिन
चंद्र12:5513:50दिन
शनि13:5014:44दिन
गुरु14:4415:39दिन
मंगल15:3916:33दिन
सूर्य16:3317:28दिन
शुक्र17:2818:23दिन
बुध18:2319:28रात
चंद्र19:2820:33रात
शनि20:3321:39रात
गुरु21:3922:44रात
मंगल22:4423:50रात
सूर्य23:5000:55रात
शुक्र00:5502:01रात
बुध02:0103:06रात
चंद्र03:0604:12रात
शनि04:1205:17रात
गुरु05:1706:22रात
मंगल06:2207:28रात

अयनांश 24.2206° (लाहिड़ी)। समय जूनागढ़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।