3 फ़रवरी 2026 को जूनागढ़ का चौघड़िया

मंगलवार, 3 फ़रवरी 2026, जूनागढ़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 3 फ़रवरी 2026 को जूनागढ़ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (00:41, 4 फ़र॰ तक), नक्षत्र मघा (22:10 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 07:25 पर और सूर्यास्त 18:39 पर है। राहुकाल 15:50 से 17:14 तक है।

दिन और रात
दिन 07:25 – 18:39
रात 07:24 तक
तिथि
द्वितीया, 00:41 तक
तृतीया
नक्षत्र
मघा, 22:10 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 फ़रवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग07:25 – 08:49टालें
उद्वेग08:49 – 10:13टालें
चर10:13 – 11:37सामान्य
लाभ11:37 – 13:02शुभ
अमृत13:02 – 14:26शुभ
काल14:26 – 15:50टालें
शुभ15:50 – 17:14शुभ
रोग17:14 – 18:39टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:39 – 20:14टालें
लाभ20:14 – 21:50शुभ
उद्वेग21:50 – 23:26टालें
शुभ23:26 – 01:01शुभ
अमृत01:01 – 02:37शुभ
चर02:37 – 04:13सामान्य
रोग04:13 – 05:48टालें
काल05:48 – 07:24टालें

3 फ़रवरी 2026 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 00:41, 4 फ़र॰ तक
कृष्ण तृतीया 00:10, 5 फ़र॰ तक
नक्षत्र
मघा 22:10 तक
पूर्वा फाल्गुनी 22:12, 4 फ़र॰ तक
योग
शोभन 02:39, 4 फ़र॰ तक
अतिगंडअशुभ 01:04, 5 फ़र॰ तक
करण
तैतिल 13:12 तक
गर 00:41, 4 फ़र॰ तक
वणिज 12:20, 4 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:25
सूर्यास्त
18:39
चंद्रोदय
20:11
चंद्रास्त
08:22
दिनमान
11h 14m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:42 – 06:33
अभिजीत मुहूर्त
12:39 – 13:24

अशुभ समय

राहुकाल
15:50 – 17:14
यमगंड
10:13 – 11:37
गुलिक काल
13:02 – 14:26

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल07:2508:21दिन
सूर्य08:2109:17दिन
शुक्र09:1710:13दिन
बुध10:1311:09दिन
चंद्र11:0912:05दिन
शनि12:0513:02दिन
गुरु13:0213:58दिन
मंगल13:5814:54दिन
सूर्य14:5415:50दिन
शुक्र15:5016:46दिन
बुध16:4617:42दिन
चंद्र17:4218:39दिन
शनि18:3919:42रात
गुरु19:4220:46रात
मंगल20:4621:50रात
सूर्य21:5022:54रात
शुक्र22:5423:58रात
बुध23:5801:01रात
चंद्र01:0102:05रात
शनि02:0503:09रात
गुरु03:0904:13रात
मंगल04:1305:17रात
सूर्य05:1706:20रात
शुक्र06:2007:24रात

अयनांश 24.2215° (लाहिड़ी)। समय जूनागढ़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।