2 फ़रवरी 2026 को जूनागढ़ का चौघड़िया

सोमवार, 2 फ़रवरी 2026, जूनागढ़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 2 फ़रवरी 2026 को जूनागढ़ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (01:52, 3 फ़र॰ तक), नक्षत्र आश्लेषा (22:47 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 07:25 पर और सूर्यास्त 18:38 पर है। राहुकाल 08:49 से 10:13 तक है।

दिन और रात
दिन 07:25 – 18:38
रात 07:25 तक
तिथि
प्रतिपदा, 01:52 तक
द्वितीया
नक्षत्र
आश्लेषा, 22:47 तक
मघा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 फ़रवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:25 – 08:49शुभ
काल08:49 – 10:13टालें
शुभ10:13 – 11:37शुभ
रोग11:37 – 13:01टालें
उद्वेग13:01 – 14:26टालें
चर14:26 – 15:50सामान्य
लाभ15:50 – 17:14शुभ
अमृत17:14 – 18:38शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:38 – 20:14सामान्य
रोग20:14 – 21:50टालें
काल21:50 – 23:25टालें
लाभ23:25 – 01:01शुभ
उद्वेग01:01 – 02:37टालें
शुभ02:37 – 04:13शुभ
अमृत04:13 – 05:49शुभ
चर05:49 – 07:25सामान्य

2 फ़रवरी 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 01:52, 3 फ़र॰ तक
कृष्ण द्वितीया 00:41, 4 फ़र॰ तक
नक्षत्र
मघा 22:10, 3 फ़र॰ तक
योग
सौभाग्य 04:45, 3 फ़र॰ तक
शोभन 02:39, 4 फ़र॰ तक
करण
बालव 14:42 तक
कौलव 01:52, 3 फ़र॰ तक
तैतिल 13:12, 3 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 22:47 तक
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:25
सूर्यास्त
18:38
चंद्रोदय
19:12
चंद्रास्त
07:42
दिनमान
11h 13m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:43 – 06:34
अभिजीत मुहूर्त
12:39 – 13:24

अशुभ समय

राहुकाल
08:49 – 10:13
यमगंड
11:37 – 13:01
गुलिक काल
14:26 – 15:50

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:2508:21दिन
शनि08:2109:17दिन
गुरु09:1710:13दिन
मंगल10:1311:09दिन
सूर्य11:0912:05दिन
शुक्र12:0513:01दिन
बुध13:0113:58दिन
चंद्र13:5814:54दिन
शनि14:5415:50दिन
गुरु15:5016:46दिन
मंगल16:4617:42दिन
सूर्य17:4218:38दिन
शुक्र18:3819:42रात
बुध19:4220:46रात
चंद्र20:4621:50रात
शनि21:5022:53रात
गुरु22:5323:57रात
मंगल23:5701:01रात
सूर्य01:0102:05रात
शुक्र02:0503:09रात
बुध03:0904:13रात
चंद्र04:1305:17रात
शनि05:1706:21रात
गुरु06:2107:25रात

अयनांश 24.2215° (लाहिड़ी)। समय जूनागढ़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।