8 फ़रवरी 2026 को जूनागढ़ का चौघड़िया

रविवार, 8 फ़रवरी 2026, जूनागढ़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 8 फ़रवरी 2026 को जूनागढ़ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (05:01, 9 फ़र॰ तक), नक्षत्र स्वाति (05:02, 9 फ़र॰ तक) और योग गंड है। सूर्योदय 07:22 पर और सूर्यास्त 18:41 पर है। राहुकाल 17:17 से 18:41 तक है।

दिन और रात
दिन 07:22 – 18:41
रात 07:22 तक
तिथि
सप्तमी, 05:01 तक
अष्टमी
नक्षत्र
स्वाति, 05:02 तक
विशाखा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 फ़रवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग07:22 – 08:47टालें
चर08:47 – 10:12सामान्य
लाभ10:12 – 11:37शुभ
अमृत11:37 – 13:02शुभ
काल13:02 – 14:27टालें
शुभ14:27 – 15:52शुभ
रोग15:52 – 17:17टालें
उद्वेग17:17 – 18:41टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:41 – 20:17शुभ
अमृत20:17 – 21:52शुभ
चर21:52 – 23:27सामान्य
रोग23:27 – 01:02टालें
काल01:02 – 02:37टालें
लाभ02:37 – 04:12शुभ
उद्वेग04:12 – 05:47टालें
शुभ05:47 – 07:22शुभ

8 फ़रवरी 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 05:01, 9 फ़र॰ तक
कृष्ण अष्टमी 07:27, 10 फ़र॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 05:02, 9 फ़र॰ तक
विशाखा 07:55, 10 फ़र॰ तक
योग
गंडअशुभ 00:08, 9 फ़र॰ तक
वृद्धि 00:51, 10 फ़र॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 15:55 तक
बव 05:01, 9 फ़र॰ तक
बालव 18:13, 9 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:22
सूर्यास्त
18:41
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
11:11
दिनमान
11h 19m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:41 – 06:32
अभिजीत मुहूर्त
12:39 – 13:25

अशुभ समय

राहुकाल
17:17 – 18:41
यमगंड
13:02 – 14:27
गुलिक काल
15:52 – 17:17

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य07:2208:19दिन
शुक्र08:1909:16दिन
बुध09:1610:12दिन
चंद्र10:1211:09दिन
शनि11:0912:05दिन
गुरु12:0513:02दिन
मंगल13:0213:58दिन
सूर्य13:5814:55दिन
शुक्र14:5515:52दिन
बुध15:5216:48दिन
चंद्र16:4817:45दिन
शनि17:4518:41दिन
गुरु18:4119:45रात
मंगल19:4520:48रात
सूर्य20:4821:52रात
शुक्र21:5222:55रात
बुध22:5523:58रात
चंद्र23:5801:02रात
शनि01:0202:05रात
गुरु02:0503:08रात
मंगल03:0804:12रात
सूर्य04:1205:15रात
शुक्र05:1506:18रात
बुध06:1807:22रात

अयनांश 24.2217° (लाहिड़ी)। समय जूनागढ़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।