6 मार्च 2026 को जूनागढ़ का चौघड़िया

शुक्रवार, 6 मार्च 2026, जूनागढ़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 6 मार्च 2026 को जूनागढ़ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (17:53 तक), नक्षत्र हस्त (09:30 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 07:04 पर और सूर्यास्त 18:54 पर है। राहुकाल 11:30 से 12:59 तक है।

दिन और रात
दिन 07:04 – 18:54
रात 07:04 तक
तिथि
तृतीया, 17:53 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
चित्रा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर07:04 – 08:33सामान्य
लाभ08:33 – 10:02शुभ
अमृत10:02 – 11:30शुभ
काल11:30 – 12:59टालें
शुभ12:59 – 14:28शुभ
रोग14:28 – 15:56टालें
उद्वेग15:56 – 17:25टालें
चर17:25 – 18:54सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:54 – 20:25टालें
काल20:25 – 21:56टालें
लाभ21:56 – 23:27शुभ
उद्वेग23:27 – 00:59टालें
शुभ00:59 – 02:30शुभ
अमृत02:30 – 04:01शुभ
चर04:01 – 05:32सामान्य
रोग05:32 – 07:04टालें

6 मार्च 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 17:53 तक
कृष्ण चतुर्थी 19:17, 7 मार्च तक
नक्षत्र
हस्त 09:30 तक
चित्रा 11:15, 7 मार्च तक
योग
गंडअशुभ 07:05 तक
वृद्धि 06:52, 7 मार्च तक
ध्रुव 07:04, 8 मार्च तक
करण
विष्टि (भद्रा) 17:53 तक
बव 06:31, 7 मार्च तक
बालव 19:17, 7 मार्च तक
चंद्र राशि
कन्या 22:18 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:04
सूर्यास्त
18:54
चंद्रोदय
21:34
चंद्रास्त
08:34
दिनमान
11h 49m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:27 – 06:16
अभिजीत मुहूर्त
12:35 – 13:23

अशुभ समय

राहुकाल
11:30 – 12:59
यमगंड
15:56 – 17:25
गुलिक काल
08:33 – 10:02

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र07:0408:04दिन
बुध08:0409:03दिन
चंद्र09:0310:02दिन
शनि10:0211:01दिन
गुरु11:0112:00दिन
मंगल12:0012:59दिन
सूर्य12:5913:58दिन
शुक्र13:5814:57दिन
बुध14:5715:56दिन
चंद्र15:5616:55दिन
शनि16:5517:55दिन
गुरु17:5518:54दिन
मंगल18:5419:55रात
सूर्य19:5520:55रात
शुक्र20:5521:56रात
बुध21:5622:57रात
चंद्र22:5723:58रात
शनि23:5800:59रात
गुरु00:5901:59रात
मंगल01:5903:00रात
सूर्य03:0004:01रात
शुक्र04:0105:02रात
बुध05:0206:03रात
चंद्र06:0307:04रात

अयनांश 24.2227° (लाहिड़ी)। समय जूनागढ़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।