1 नवंबर 2026 को जूनागढ़ का चौघड़िया

रविवार, 1 नवंबर 2026, जूनागढ़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 1 नवंबर 2026 को जूनागढ़ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (14:52 तक), नक्षत्र पुष्य (04:30, 2 नव॰ तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 06:51 पर और सूर्यास्त 18:11 पर है। राहुकाल 16:46 से 18:11 तक है।

दिन और रात
दिन 06:51 – 18:11
रात 06:51 तक
तिथि
सप्तमी, 14:52 तक
अष्टमी
नक्षत्र
पुष्य, 04:30 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:51 – 08:16टालें
चर08:16 – 09:41सामान्य
लाभ09:41 – 11:06शुभ
अमृत11:06 – 12:31शुभ
काल12:31 – 13:56टालें
शुभ13:56 – 15:21शुभ
रोग15:21 – 16:46टालें
उद्वेग16:46 – 18:11टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:11 – 19:46शुभ
अमृत19:46 – 21:21शुभ
चर21:21 – 22:56सामान्य
रोग22:56 – 00:31टालें
काल00:31 – 02:06टालें
लाभ02:06 – 03:41शुभ
उद्वेग03:41 – 05:16टालें
शुभ05:16 – 06:51शुभ

1 नवंबर 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 14:52 तक
कृष्ण अष्टमी 13:10, 2 नव॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 04:30, 2 नव॰ तक
आश्लेषा 03:46, 3 नव॰ तक
योग
साध्य 14:39 तक
शुभ 12:06, 2 नव॰ तक
करण
बव 14:52 तक
बालव 01:58, 2 नव॰ तक
कौलव 13:10, 2 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:51
सूर्यास्त
18:11
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
12:59
दिनमान
11h 21m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:10 – 06:00
अभिजीत मुहूर्त
12:08 – 12:54

अशुभ समय

राहुकाल
16:46 – 18:11
यमगंड
12:31 – 13:56
गुलिक काल
15:21 – 16:46

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:5107:47दिन
शुक्र07:4708:44दिन
बुध08:4409:41दिन
चंद्र09:4110:38दिन
शनि10:3811:34दिन
गुरु11:3412:31दिन
मंगल12:3113:28दिन
सूर्य13:2814:25दिन
शुक्र14:2515:21दिन
बुध15:2116:18दिन
चंद्र16:1817:15दिन
शनि17:1518:11दिन
गुरु18:1119:15रात
मंगल19:1520:18रात
सूर्य20:1821:21रात
शुक्र21:2122:25रात
बुध22:2523:28रात
चंद्र23:2800:31रात
शनि00:3101:35रात
गुरु01:3502:38रात
मंगल02:3803:41रात
सूर्य03:4104:45रात
शुक्र04:4505:48रात
बुध05:4806:51रात

अयनांश 24.2319° (लाहिड़ी)। समय जूनागढ़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।