4 जनवरी 2027 को जूनागढ़ का चौघड़िया

सोमवार, 4 जनवरी 2027, जूनागढ़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 4 जनवरी 2027 को जूनागढ़ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (18:16 तक), नक्षत्र अनुराधा (00:15, 5 जन॰ तक) और योग शूल है। सूर्योदय 07:26 पर और सूर्यास्त 18:18 पर है। राहुकाल 08:48 से 10:09 तक है।

दिन और रात
दिन 07:26 – 18:18
रात 07:27 तक
तिथि
द्वादशी, 18:16 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
अनुराधा, 00:15 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:26 – 08:48शुभ
काल08:48 – 10:09टालें
शुभ10:09 – 11:31शुभ
रोग11:31 – 12:52टालें
उद्वेग12:52 – 14:14टालें
चर14:14 – 15:35सामान्य
लाभ15:35 – 16:57शुभ
अमृत16:57 – 18:18शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:18 – 19:57सामान्य
रोग19:57 – 21:36टालें
काल21:36 – 23:14टालें
लाभ23:14 – 00:53शुभ
उद्वेग00:53 – 02:31टालें
शुभ02:31 – 04:10शुभ
अमृत04:10 – 05:48शुभ
चर05:48 – 07:27सामान्य

4 जनवरी 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 18:16 तक
कृष्ण त्रयोदशी 20:40, 5 जन॰ तक
नक्षत्र
अनुराधा 00:15, 5 जन॰ तक
ज्येष्ठा 03:07, 6 जन॰ तक
योग
शूलअशुभ 12:03 तक
गंडअशुभ 12:43, 5 जन॰ तक
करण
तैतिल 18:16 तक
गर 07:26, 5 जन॰ तक
वणिज 20:40, 5 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:26
सूर्यास्त
18:18
चंद्रोदय
04:29
चंद्रास्त
15:22
दिनमान
10h 52m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:41 – 06:34
अभिजीत मुहूर्त
12:31 – 13:14

अशुभ समय

राहुकाल
08:48 – 10:09
यमगंड
11:31 – 12:52
गुलिक काल
14:14 – 15:35

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:2608:21दिन
शनि08:2109:15दिन
गुरु09:1510:09दिन
मंगल10:0911:04दिन
सूर्य11:0411:58दिन
शुक्र11:5812:52दिन
बुध12:5213:47दिन
चंद्र13:4714:41दिन
शनि14:4115:35दिन
गुरु15:3516:30दिन
मंगल16:3017:24दिन
सूर्य17:2418:18दिन
शुक्र18:1819:24रात
बुध19:2420:30रात
चंद्र20:3021:36रात
शनि21:3622:41रात
गुरु22:4123:47रात
मंगल23:4700:53रात
सूर्य00:5301:58रात
शुक्र01:5803:04रात
बुध03:0404:10रात
चंद्र04:1005:15रात
शनि05:1506:21रात
गुरु06:2107:27रात

अयनांश 24.2343° (लाहिड़ी)। समय जूनागढ़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।