24 मार्च 2027 को जूनागढ़ का चौघड़िया

बुधवार, 24 मार्च 2027, जूनागढ़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 24 मार्च 2027 को जूनागढ़ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (13:14 तक), नक्षत्र चित्रा (19:25 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 06:49 पर और सूर्यास्त 19:00 पर है। राहुकाल 12:54 से 14:26 तक है।

दिन और रात
दिन 06:49 – 19:00
रात 06:48 तक
तिथि
द्वितीया, 13:14 तक
तृतीया
नक्षत्र
चित्रा, 19:25 तक
स्वाति
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:49 – 08:20शुभ
अमृत08:20 – 09:51शुभ
काल09:51 – 11:23टालें
शुभ11:23 – 12:54शुभ
रोग12:54 – 14:26टालें
उद्वेग14:26 – 15:57टालें
चर15:57 – 17:28सामान्य
लाभ17:28 – 19:00शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग19:00 – 20:28टालें
शुभ20:28 – 21:57शुभ
अमृत21:57 – 23:25शुभ
चर23:25 – 00:54सामान्य
रोग00:54 – 02:22टालें
काल02:22 – 03:51टालें
लाभ03:51 – 05:19शुभ
उद्वेग05:19 – 06:48टालें

24 मार्च 2027 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 13:14 तक
कृष्ण तृतीया 12:38, 25 मार्च तक
नक्षत्र
चित्रा 19:25 तक
स्वाति 19:39, 25 मार्च तक
योग
ध्रुव 09:15 तक
व्याघातअशुभ 07:32, 25 मार्च तक
करण
गर 13:14 तक
वणिज 00:51, 25 मार्च तक
विष्टि (भद्रा) 12:38, 25 मार्च तक
चंद्र राशि
कन्या 07:33 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:49
सूर्यास्त
19:00
चंद्रोदय
20:59
चंद्रास्त
07:43
दिनमान
12h 11m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:14 – 06:01
अभिजीत मुहूर्त
12:30 – 13:19 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:54 – 14:26
यमगंड
08:20 – 09:51
गुलिक काल
11:23 – 12:54

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:4907:49दिन
चंद्र07:4908:50दिन
शनि08:5009:51दिन
गुरु09:5110:52दिन
मंगल10:5211:53दिन
सूर्य11:5312:54दिन
शुक्र12:5413:55दिन
बुध13:5514:56दिन
चंद्र14:5615:57दिन
शनि15:5716:58दिन
गुरु16:5817:59दिन
मंगल17:5919:00दिन
सूर्य19:0019:59रात
शुक्र19:5920:58रात
बुध20:5821:57रात
चंद्र21:5722:56रात
शनि22:5623:55रात
गुरु23:5500:54रात
मंगल00:5401:53रात
सूर्य01:5302:52रात
शुक्र02:5203:51रात
बुध03:5104:50रात
चंद्र04:5005:49रात
शनि05:4906:48रात

अयनांश 24.2374° (लाहिड़ी)। समय जूनागढ़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।