3 अक्टूबर 2027 को जूनागढ़ का चौघड़िया

रविवार, 3 अक्टूबर 2027, जूनागढ़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 3 अक्टूबर 2027 को जूनागढ़ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (01:28, 4 अक्टू॰ तक), नक्षत्र विशाखा (00:00, 4 अक्टू॰ तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 06:39 पर और सूर्यास्त 18:34 पर है। राहुकाल 17:05 से 18:34 तक है।

दिन और रात
दिन 06:39 – 18:34
रात 06:40 तक
तिथि
चतुर्थी, 01:28 तक
पंचमी
नक्षत्र
विशाखा, 00:00 तक
अनुराधा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 अक्टूबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:39 – 08:09टालें
चर08:09 – 09:38सामान्य
लाभ09:38 – 11:07शुभ
अमृत11:07 – 12:37शुभ
काल12:37 – 14:06टालें
शुभ14:06 – 15:35शुभ
रोग15:35 – 17:05टालें
उद्वेग17:05 – 18:34टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:34 – 20:05शुभ
अमृत20:05 – 21:35शुभ
चर21:35 – 23:06सामान्य
रोग23:06 – 00:37टालें
काल00:37 – 02:08टालें
लाभ02:08 – 03:38शुभ
उद्वेग03:38 – 05:09टालें
शुभ05:09 – 06:40शुभ

3 अक्टूबर 2027 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 01:28, 4 अक्टू॰ तक
शुक्ल पंचमी 01:36, 5 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
विशाखा 00:00, 4 अक्टू॰ तक
अनुराधा 00:44, 5 अक्टू॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 13:45 तक
प्रीति 12:25, 4 अक्टू॰ तक
करण
वणिज 13:43 तक
विष्टि (भद्रा) 01:28, 4 अक्टू॰ तक
बव 13:26, 4 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
तुला 17:56 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:39
सूर्यास्त
18:34
चंद्रोदय
09:42
चंद्रास्त
20:47
दिनमान
11h 55m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:03 – 05:51
अभिजीत मुहूर्त
12:13 – 13:00

अशुभ समय

राहुकाल
17:05 – 18:34
यमगंड
12:37 – 14:06
गुलिक काल
15:35 – 17:05

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:3907:39दिन
शुक्र07:3908:38दिन
बुध08:3809:38दिन
चंद्र09:3810:38दिन
शनि10:3811:37दिन
गुरु11:3712:37दिन
मंगल12:3713:36दिन
सूर्य13:3614:36दिन
शुक्र14:3615:35दिन
बुध15:3516:35दिन
चंद्र16:3517:34दिन
शनि17:3418:34दिन
गुरु18:3419:34रात
मंगल19:3420:35रात
सूर्य20:3521:35रात
शुक्र21:3522:36रात
बुध22:3623:36रात
चंद्र23:3600:37रात
शनि00:3701:37रात
गुरु01:3702:38रात
मंगल02:3803:38रात
सूर्य03:3804:39रात
शुक्र04:3905:39रात
बुध05:3906:40रात

अयनांश 24.2447° (लाहिड़ी)। समय जूनागढ़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।