4 मार्च 2028 को जूनागढ़ का चौघड़िया

शनिवार, 4 मार्च 2028, जूनागढ़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 4 मार्च 2028 को जूनागढ़ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (02:10, 5 मार्च तक), नक्षत्र रोहिणी (20:25 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 07:06 पर और सूर्यास्त 18:53 पर है। राहुकाल 10:03 से 11:31 तक है।

दिन और रात
दिन 07:06 – 18:53
रात 07:05 तक
तिथि
अष्टमी, 02:10 तक
नवमी
नक्षत्र
रोहिणी, 20:25 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 मार्च 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:06 – 08:34टालें
शुभ08:34 – 10:03शुभ
रोग10:03 – 11:31टालें
उद्वेग11:31 – 12:59टालें
चर12:59 – 14:28सामान्य
लाभ14:28 – 15:56शुभ
अमृत15:56 – 17:25शुभ
काल17:25 – 18:53टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:53 – 20:25शुभ
उद्वेग20:25 – 21:56टालें
शुभ21:56 – 23:28शुभ
अमृत23:28 – 00:59शुभ
चर00:59 – 02:30सामान्य
रोग02:30 – 04:02टालें
काल04:02 – 05:33टालें
लाभ05:33 – 07:05शुभ

4 मार्च 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 02:10, 5 मार्च तक
शुक्ल नवमी 00:55, 6 मार्च तक
नक्षत्र
रोहिणी 20:25 तक
मृगशिरा 20:00, 5 मार्च तक
योग
विष्कंभअशुभ 19:54 तक
प्रीति 17:54, 5 मार्च तक
करण
विष्टि (भद्रा) 14:32 तक
बव 02:10, 5 मार्च तक
बालव 13:38, 5 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:06
सूर्यास्त
18:53
चंद्रोदय
11:57
चंद्रास्त
00:59
दिनमान
11h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:28 – 06:17
अभिजीत मुहूर्त
12:36 – 13:23

अशुभ समय

राहुकाल
10:03 – 11:31
यमगंड
14:28 – 15:56
गुलिक काल
07:06 – 08:34

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:0608:05दिन
गुरु08:0509:04दिन
मंगल09:0410:03दिन
सूर्य10:0311:02दिन
शुक्र11:0212:00दिन
बुध12:0012:59दिन
चंद्र12:5913:58दिन
शनि13:5814:57दिन
गुरु14:5715:56दिन
मंगल15:5616:55दिन
सूर्य16:5517:54दिन
शुक्र17:5418:53दिन
बुध18:5319:54रात
चंद्र19:5420:55रात
शनि20:5521:56रात
गुरु21:5622:57रात
मंगल22:5723:58रात
सूर्य23:5800:59रात
शुक्र00:5902:00रात
बुध02:0003:01रात
चंद्र03:0104:02रात
शनि04:0205:03रात
गुरु05:0306:04रात
मंगल06:0407:05रात

अयनांश 24.2506° (लाहिड़ी)। समय जूनागढ़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।