15 मार्च 2028 को जूनागढ़ का चौघड़िया

बुधवार, 15 मार्च 2028, जूनागढ़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 15 मार्च 2028 को जूनागढ़ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (16:52 तक), नक्षत्र विशाखा (20:45 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 06:56 पर और सूर्यास्त 18:57 पर है। राहुकाल 12:57 से 14:27 तक है।

दिन और रात
दिन 06:56 – 18:57
रात 06:55 तक
तिथि
पंचमी, 16:52 तक
षष्ठी
नक्षत्र
विशाखा, 20:45 तक
अनुराधा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

15 मार्च 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:56 – 08:26शुभ
अमृत08:26 – 09:56शुभ
काल09:56 – 11:26टालें
शुभ11:26 – 12:57शुभ
रोग12:57 – 14:27टालें
उद्वेग14:27 – 15:57टालें
चर15:57 – 17:27सामान्य
लाभ17:27 – 18:57शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:57 – 20:27टालें
शुभ20:27 – 21:57शुभ
अमृत21:57 – 23:26शुभ
चर23:26 – 00:56सामान्य
रोग00:56 – 02:26टालें
काल02:26 – 03:56टालें
लाभ03:56 – 05:25शुभ
उद्वेग05:25 – 06:55टालें

15 मार्च 2028 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 16:52 तक
कृष्ण षष्ठी 16:12, 16 मार्च तक
नक्षत्र
विशाखा 20:45 तक
अनुराधा 20:54, 16 मार्च तक
योग
हर्षण 00:06, 16 मार्च तक
वज्रअशुभ 22:39, 16 मार्च तक
करण
तैतिल 16:52 तक
गर 04:25, 16 मार्च तक
वणिज 16:12, 16 मार्च तक
चंद्र राशि
तुला 14:50 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:56
सूर्यास्त
18:57
चंद्रोदय
23:38
चंद्रास्त
09:46
दिनमान
12h 1m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:20 – 06:08
अभिजीत मुहूर्त
12:33 – 13:21 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:57 – 14:27
यमगंड
08:26 – 09:56
गुलिक काल
11:26 – 12:57

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:5607:56दिन
चंद्र07:5608:56दिन
शनि08:5609:56दिन
गुरु09:5610:56दिन
मंगल10:5611:57दिन
सूर्य11:5712:57दिन
शुक्र12:5713:57दिन
बुध13:5714:57दिन
चंद्र14:5715:57दिन
शनि15:5716:57दिन
गुरु16:5717:57दिन
मंगल17:5718:57दिन
सूर्य18:5719:57रात
शुक्र19:5720:57रात
बुध20:5721:57रात
चंद्र21:5722:56रात
शनि22:5623:56रात
गुरु23:5600:56रात
मंगल00:5601:56रात
सूर्य01:5602:56रात
शुक्र02:5603:56रात
बुध03:5604:56रात
चंद्र04:5605:55रात
शनि05:5506:55रात

अयनांश 24.2510° (लाहिड़ी)। समय जूनागढ़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।