3 जनवरी 2029 को जूनागढ़ का चौघड़िया

बुधवार, 3 जनवरी 2029, जूनागढ़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 3 जनवरी 2029 को जूनागढ़ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (17:03 तक), नक्षत्र आश्लेषा (01:18, 4 जन॰ तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 07:26 पर और सूर्यास्त 18:18 पर है। राहुकाल 12:52 से 14:14 तक है।

दिन और रात
दिन 07:26 – 18:18
रात 07:27 तक
तिथि
तृतीया, 17:03 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
आश्लेषा, 01:18 तक
मघा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ07:26 – 08:48शुभ
अमृत08:48 – 10:09शुभ
काल10:09 – 11:31टालें
शुभ11:31 – 12:52शुभ
रोग12:52 – 14:14टालें
उद्वेग14:14 – 15:35टालें
चर15:35 – 16:57सामान्य
लाभ16:57 – 18:18शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:18 – 19:57टालें
शुभ19:57 – 21:35शुभ
अमृत21:35 – 23:14शुभ
चर23:14 – 00:52सामान्य
रोग00:52 – 02:31टालें
काल02:31 – 04:09टालें
लाभ04:09 – 05:48शुभ
उद्वेग05:48 – 07:27टालें

3 जनवरी 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 17:03 तक
कृष्ण चतुर्थी 14:49, 4 जन॰ तक
नक्षत्र
आश्लेषा 01:18, 4 जन॰ तक
मघा 23:43, 4 जन॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 15:38 तक
प्रीति 12:37, 4 जन॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 17:03 तक
बव 03:57, 4 जन॰ तक
बालव 14:49, 4 जन॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 01:18, 4 जन॰ तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:26
सूर्यास्त
18:18
चंद्रोदय
21:09
चंद्रास्त
09:23
दिनमान
10h 52m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:41 – 06:34
अभिजीत मुहूर्त
12:31 – 13:14 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:52 – 14:14
यमगंड
08:48 – 10:09
गुलिक काल
11:31 – 12:52

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध07:2608:21दिन
चंद्र08:2109:15दिन
शनि09:1510:09दिन
गुरु10:0911:04दिन
मंगल11:0411:58दिन
सूर्य11:5812:52दिन
शुक्र12:5213:47दिन
बुध13:4714:41दिन
चंद्र14:4115:35दिन
शनि15:3516:30दिन
गुरु16:3017:24दिन
मंगल17:2418:18दिन
सूर्य18:1819:24रात
शुक्र19:2420:30रात
बुध20:3021:35रात
चंद्र21:3522:41रात
शनि22:4123:47रात
गुरु23:4700:52रात
मंगल00:5201:58रात
सूर्य01:5803:04रात
शुक्र03:0404:09रात
बुध04:0905:15रात
चंद्र05:1506:21रात
शनि06:2107:27रात

अयनांश 24.2623° (लाहिड़ी)। समय जूनागढ़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।