12 अक्टूबर 2029 को जूनागढ़ का चौघड़िया

शुक्रवार, 12 अक्टूबर 2029, जूनागढ़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 12 अक्टूबर 2029 को जूनागढ़ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (08:04 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (16:56 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 06:42 पर और सूर्यास्त 18:26 पर है। राहुकाल 11:06 से 12:34 तक है।

दिन और रात
दिन 06:42 – 18:26
रात 06:43 तक
तिथि
षष्ठी, 06:11 तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 16:56 तक
मूल
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 अक्टूबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:42 – 08:10सामान्य
लाभ08:10 – 09:38शुभ
अमृत09:38 – 11:06शुभ
काल11:06 – 12:34टालें
शुभ12:34 – 14:02शुभ
रोग14:02 – 15:30टालें
उद्वेग15:30 – 16:58टालें
चर16:58 – 18:26सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:26 – 19:58टालें
काल19:58 – 21:30टालें
लाभ21:30 – 23:02शुभ
उद्वेग23:02 – 00:34टालें
शुभ00:34 – 02:06शुभ
अमृत02:06 – 03:38शुभ
चर03:38 – 05:11सामान्य
रोग05:11 – 06:43टालें

12 अक्टूबर 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 08:04 तक
शुक्ल षष्ठी 06:11, 13 अक्टू॰ तक
शुक्ल सप्तमी 04:59, 14 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
मूल 16:02, 13 अक्टू॰ तक
योग
सौभाग्य 14:02 तक
शोभन 11:30, 13 अक्टू॰ तक
करण
बालव 08:04 तक
कौलव 19:03 तक
तैतिल 06:11, 13 अक्टू॰ तक
गर 17:30, 13 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:42
सूर्यास्त
18:26
चंद्रोदय
11:25
चंद्रास्त
22:31
दिनमान
11h 43m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:04 – 05:53
अभिजीत मुहूर्त
12:11 – 12:57

अशुभ समय

राहुकाल
11:06 – 12:34
यमगंड
15:30 – 16:58
गुलिक काल
08:10 – 09:38

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:4207:41दिन
बुध07:4108:40दिन
चंद्र08:4009:38दिन
शनि09:3810:37दिन
गुरु10:3711:35दिन
मंगल11:3512:34दिन
सूर्य12:3413:33दिन
शुक्र13:3314:31दिन
बुध14:3115:30दिन
चंद्र15:3016:28दिन
शनि16:2817:27दिन
गुरु17:2718:26दिन
मंगल18:2619:27रात
सूर्य19:2720:28रात
शुक्र20:2821:30रात
बुध21:3022:31रात
चंद्र22:3123:33रात
शनि23:3300:34रात
गुरु00:3401:36रात
मंगल01:3602:37रात
सूर्य02:3703:38रात
शुक्र03:3804:40रात
बुध04:4005:41रात
चंद्र05:4106:43रात

अयनांश 24.2731° (लाहिड़ी)। समय जूनागढ़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।