11 अक्टूबर 2029 को जूनागढ़ का चौघड़िया

गुरुवार, 11 अक्टूबर 2029, जूनागढ़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 11 अक्टूबर 2029 को जूनागढ़ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (10:36 तक), नक्षत्र अनुराधा (18:29 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 06:42 पर और सूर्यास्त 18:26 पर है। राहुकाल 14:02 से 15:30 तक है।

दिन और रात
दिन 06:42 – 18:26
रात 06:42 तक
तिथि
चतुर्थी, 10:36 तक
पंचमी
नक्षत्र
अनुराधा, 18:29 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 अक्टूबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:42 – 08:10शुभ
रोग08:10 – 09:38टालें
उद्वेग09:38 – 11:06टालें
चर11:06 – 12:34सामान्य
लाभ12:34 – 14:02शुभ
अमृत14:02 – 15:30शुभ
काल15:30 – 16:58टालें
शुभ16:58 – 18:26शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:26 – 19:58शुभ
चर19:58 – 21:30सामान्य
रोग21:30 – 23:02टालें
काल23:02 – 00:34टालें
लाभ00:34 – 02:06शुभ
उद्वेग02:06 – 03:38टालें
शुभ03:38 – 05:10शुभ
अमृत05:10 – 06:42शुभ

11 अक्टूबर 2029 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 10:36 तक
शुक्ल पंचमी 08:04, 12 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 16:56, 12 अक्टू॰ तक
योग
आयुष्मान 17:06 तक
सौभाग्य 14:02, 12 अक्टू॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 10:36 तक
बव 21:16 तक
बालव 08:04, 12 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:42
सूर्यास्त
18:26
चंद्रोदय
10:22
चंद्रास्त
21:29
दिनमान
11h 44m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:04 – 05:53
अभिजीत मुहूर्त
12:11 – 12:58

अशुभ समय

राहुकाल
14:02 – 15:30
यमगंड
06:42 – 08:10
गुलिक काल
09:38 – 11:06

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:4207:41दिन
मंगल07:4108:39दिन
सूर्य08:3909:38दिन
शुक्र09:3810:37दिन
बुध10:3711:36दिन
चंद्र11:3612:34दिन
शनि12:3413:33दिन
गुरु13:3314:32दिन
मंगल14:3215:30दिन
सूर्य15:3016:29दिन
शुक्र16:2917:28दिन
बुध17:2818:26दिन
चंद्र18:2619:28रात
शनि19:2820:29रात
गुरु20:2921:30रात
मंगल21:3022:32रात
सूर्य22:3223:33रात
शुक्र23:3300:34रात
बुध00:3401:36रात
चंद्र01:3602:37रात
शनि02:3703:38रात
गुरु03:3804:40रात
मंगल04:4005:41रात
सूर्य05:4106:42रात

अयनांश 24.2730° (लाहिड़ी)। समय जूनागढ़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।