26 अक्टूबर 2029 को जूनागढ़ का चौघड़िया

शुक्रवार, 26 अक्टूबर 2029, जूनागढ़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 26 अक्टूबर 2029 को जूनागढ़ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (00:52, 27 अक्टू॰ तक), नक्षत्र रोहिणी (16:46 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 06:48 पर और सूर्यास्त 18:15 पर है। राहुकाल 11:06 से 12:31 तक है।

दिन और रात
दिन 06:48 – 18:15
रात 06:48 तक
तिथि
चतुर्थी, 00:52 तक
पंचमी
नक्षत्र
रोहिणी, 16:46 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 अक्टूबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:48 – 08:14सामान्य
लाभ08:14 – 09:40शुभ
अमृत09:40 – 11:06शुभ
काल11:06 – 12:31टालें
शुभ12:31 – 13:57शुभ
रोग13:57 – 15:23टालें
उद्वेग15:23 – 16:49टालें
चर16:49 – 18:15सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:15 – 19:49टालें
काल19:49 – 21:23टालें
लाभ21:23 – 22:58शुभ
उद्वेग22:58 – 00:32टालें
शुभ00:32 – 02:06शुभ
अमृत02:06 – 03:40शुभ
चर03:40 – 05:14सामान्य
रोग05:14 – 06:48टालें

26 अक्टूबर 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 00:52, 27 अक्टू॰ तक
कृष्ण पंचमी 02:48, 28 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 16:46 तक
मृगशिरा 19:19, 27 अक्टू॰ तक
योग
वरीयान 12:21 तक
परिघअशुभ 12:57, 27 अक्टू॰ तक
करण
बव 11:45 तक
बालव 00:52, 27 अक्टू॰ तक
कौलव 13:54, 27 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 06:05, 27 अक्टू॰ तक
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:48
सूर्यास्त
18:15
चंद्रोदय
21:02
चंद्रास्त
09:59
दिनमान
11h 27m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:08 – 05:58
अभिजीत मुहूर्त
12:09 – 12:54

अशुभ समय

राहुकाल
11:06 – 12:31
यमगंड
15:23 – 16:49
गुलिक काल
08:14 – 09:40

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:4807:45दिन
बुध07:4508:42दिन
चंद्र08:4209:40दिन
शनि09:4010:37दिन
गुरु10:3711:34दिन
मंगल11:3412:31दिन
सूर्य12:3113:29दिन
शुक्र13:2914:26दिन
बुध14:2615:23दिन
चंद्र15:2316:20दिन
शनि16:2017:18दिन
गुरु17:1818:15दिन
मंगल18:1519:18रात
सूर्य19:1820:21रात
शुक्र20:2121:23रात
बुध21:2322:26रात
चंद्र22:2623:29रात
शनि23:2900:32रात
गुरु00:3201:34रात
मंगल01:3402:37रात
सूर्य02:3703:40रात
शुक्र03:4004:43रात
बुध04:4305:46रात
चंद्र05:4606:48रात

अयनांश 24.2736° (लाहिड़ी)। समय जूनागढ़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।