18 अक्टूबर 2028 को काकीनाडा का चौघड़िया

बुधवार, 18 अक्टूबर 2028, काकीनाडा, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 18 अक्टूबर 2028 को काकीनाडा में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (08:26 तक), नक्षत्र चित्रा (17:28 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 05:54 पर और सूर्यास्त 17:37 पर है। राहुकाल 11:46 से 13:13 तक है।

दिन और रात
दिन 05:54 – 17:37
रात 05:54 तक
तिथि
प्रतिपदा, 05:01 तक
नक्षत्र
चित्रा, 17:28 तक
स्वाति
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 अक्टूबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:54 – 07:22शुभ
अमृत07:22 – 08:50शुभ
काल08:50 – 10:18टालें
शुभ10:18 – 11:46शुभ
रोग11:46 – 13:13टालें
उद्वेग13:13 – 14:41टालें
चर14:41 – 16:09सामान्य
लाभ16:09 – 17:37शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:37 – 19:09टालें
शुभ19:09 – 20:41शुभ
अमृत20:41 – 22:13शुभ
चर22:13 – 23:46सामान्य
रोग23:46 – 01:18टालें
काल01:18 – 02:50टालें
लाभ02:50 – 04:22शुभ
उद्वेग04:22 – 05:54टालें

18 अक्टूबर 2028 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
अमावस्या 08:26 तक
शुक्ल प्रतिपदा 05:01, 19 अक्टू॰ तक
शुक्ल द्वितीया 01:59, 20 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 17:28 तक
स्वाति 14:58, 19 अक्टू॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 01:26, 19 अक्टू॰ तक
प्रीति 21:43, 19 अक्टू॰ तक
करण
नाग 08:26 तक
किंस्तुघ्न 18:41 तक
बव 05:01, 19 अक्टू॰ तक
बालव 15:26, 19 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 06:51 तक
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:54
सूर्यास्त
17:37
चंद्रोदय
05:50
चंद्रास्त
17:38
दिनमान
11h 43m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:16 – 05:05
अभिजीत मुहूर्त
11:22 – 12:09 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:46 – 13:13
यमगंड
07:22 – 08:50
गुलिक काल
10:18 – 11:46

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:5406:53दिन
चंद्र06:5307:51दिन
शनि07:5108:50दिन
गुरु08:5009:48दिन
मंगल09:4810:47दिन
सूर्य10:4711:46दिन
शुक्र11:4612:44दिन
बुध12:4413:43दिन
चंद्र13:4314:41दिन
शनि14:4115:40दिन
गुरु15:4016:38दिन
मंगल16:3817:37दिन
सूर्य17:3718:38रात
शुक्र18:3819:40रात
बुध19:4020:41रात
चंद्र20:4121:43रात
शनि21:4322:44रात
गुरु22:4423:46रात
मंगल23:4600:47रात
सूर्य00:4701:49रात
शुक्र01:4902:50रात
बुध02:5003:52रात
चंद्र03:5204:53रात
शनि04:5305:54रात

अयनांश 24.2593° (लाहिड़ी)। समय काकीनाडा (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।