8 मार्च 2028 को कानपुर का चौघड़िया

बुधवार, 8 मार्च 2028, कानपुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 8 मार्च 2028 को कानपुर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (17:27 तक), नक्षत्र पुष्य (15:00 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 06:25 पर और सूर्यास्त 18:13 पर है। राहुकाल 12:19 से 13:48 तक है।

दिन और रात
दिन 06:25 – 18:13
रात 06:24 तक
तिथि
द्वादशी, 17:27 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
पुष्य, 15:00 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 मार्च 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:25 – 07:53शुभ
अमृत07:53 – 09:22शुभ
काल09:22 – 10:50टालें
शुभ10:50 – 12:19शुभ
रोग12:19 – 13:48टालें
उद्वेग13:48 – 15:16टालें
चर15:16 – 16:45सामान्य
लाभ16:45 – 18:13शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:13 – 19:45टालें
शुभ19:45 – 21:16शुभ
अमृत21:16 – 22:47शुभ
चर22:47 – 00:19सामान्य
रोग00:19 – 01:50टालें
काल01:50 – 03:21टालें
लाभ03:21 – 04:52शुभ
उद्वेग04:52 – 06:24टालें

8 मार्च 2028 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 17:27 तक
शुक्ल त्रयोदशी 14:02, 9 मार्च तक
नक्षत्र
पुष्य 15:00 तक
आश्लेषा 12:22, 9 मार्च तक
योग
शोभन 08:48 तक
अतिगंडअशुभ 04:56, 9 मार्च तक
सुकर्मा 00:48, 10 मार्च तक
करण
बव 07:02 तक
बालव 17:27 तक
कौलव 03:47, 9 मार्च तक
तैतिल 14:02, 9 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:25
सूर्यास्त
18:13
चंद्रोदय
15:22
चंद्रास्त
04:08
दिनमान
11h 49m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:47 – 05:36
अभिजीत मुहूर्त
11:55 – 12:43 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:19 – 13:48
यमगंड
07:53 – 09:22
गुलिक काल
10:50 – 12:19

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:2507:24दिन
चंद्र07:2408:23दिन
शनि08:2309:22दिन
गुरु09:2210:21दिन
मंगल10:2111:20दिन
सूर्य11:2012:19दिन
शुक्र12:1913:18दिन
बुध13:1814:17दिन
चंद्र14:1715:16दिन
शनि15:1616:15दिन
गुरु16:1517:14दिन
मंगल17:1418:13दिन
सूर्य18:1319:14रात
शुक्र19:1420:15रात
बुध20:1521:16रात
चंद्र21:1622:17रात
शनि22:1723:18रात
गुरु23:1800:19रात
मंगल00:1901:19रात
सूर्य01:1902:20रात
शुक्र02:2003:21रात
बुध03:2104:22रात
चंद्र04:2205:23रात
शनि05:2306:24रात

अयनांश 24.2508° (लाहिड़ी)। समय कानपुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।