18 सितंबर 2025 को काठमांडू का चौघड़िया

गुरुवार, 18 सितंबर 2025, काठमांडू, नेपाल। समय Asia/Kathmandu में है।

गुरुवार, 18 सितंबर 2025 को काठमांडू में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (23:40 तक), नक्षत्र पुष्य (06:47 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 05:50 पर और सूर्यास्त 18:04 पर है। राहुकाल 13:29 से 15:01 तक है।

दिन और रात
दिन 05:50 – 18:04
रात 05:50 तक
तिथि
द्वादशी, 23:40 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
आश्लेषा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:50 – 07:22शुभ
रोग07:22 – 08:53टालें
उद्वेग08:53 – 10:25टालें
चर10:25 – 11:57सामान्य
लाभ11:57 – 13:29शुभ
अमृत13:29 – 15:01शुभ
काल15:01 – 16:33टालें
शुभ16:33 – 18:04शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:04 – 19:33शुभ
चर19:33 – 21:01सामान्य
रोग21:01 – 22:29टालें
काल22:29 – 23:57टालें
लाभ23:57 – 01:26शुभ
उद्वेग01:26 – 02:54टालें
शुभ02:54 – 04:22शुभ
अमृत04:22 – 05:50शुभ

18 सितंबर 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 23:40 तक
कृष्ण त्रयोदशी 23:52, 19 सित॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 06:47 तक
आश्लेषा 07:20, 19 सित॰ तक
योग
शिव 21:52 तक
सिद्ध 20:56, 19 सित॰ तक
करण
कौलव 11:44 तक
तैतिल 23:40 तक
गर 11:42, 19 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:50
सूर्यास्त
18:04
चंद्रोदय
02:15
चंद्रास्त
16:11
दिनमान
12h 15m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:16 – 05:03
अभिजीत मुहूर्त
11:33 – 12:22

अशुभ समय

राहुकाल
13:29 – 15:01
यमगंड
05:50 – 07:22
गुलिक काल
08:53 – 10:25

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:5006:51दिन
मंगल06:5107:52दिन
सूर्य07:5208:53दिन
शुक्र08:5309:55दिन
बुध09:5510:56दिन
चंद्र10:5611:57दिन
शनि11:5712:58दिन
गुरु12:5814:00दिन
मंगल14:0015:01दिन
सूर्य15:0116:02दिन
शुक्र16:0217:03दिन
बुध17:0318:04दिन
चंद्र18:0419:03रात
शनि19:0320:02रात
गुरु20:0221:01रात
मंगल21:0122:00रात
सूर्य22:0022:59रात
शुक्र22:5923:57रात
बुध23:5700:56रात
चंद्र00:5601:55रात
शनि01:5502:54रात
गुरु02:5403:53रात
मंगल03:5304:51रात
सूर्य04:5105:50रात

अयनांश 24.2162° (लाहिड़ी)। समय काठमांडू (Asia/Kathmandu) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।