16 अक्टूबर 2025 को कटरा (वैष्णो देवी) का चौघड़िया

गुरुवार, 16 अक्टूबर 2025, कटरा (वैष्णो देवी), भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 16 अक्टूबर 2025 को कटरा (वैष्णो देवी) में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (10:36 तक), नक्षत्र आश्लेषा (12:42 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 06:35 पर और सूर्यास्त 17:55 पर है। राहुकाल 13:40 से 15:05 तक है।

दिन और रात
दिन 06:35 – 17:55
रात 06:35 तक
तिथि
दशमी, 10:36 तक
एकादशी
नक्षत्र
आश्लेषा, 12:42 तक
मघा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:35 – 08:00शुभ
रोग08:00 – 09:25टालें
उद्वेग09:25 – 10:50टालें
चर10:50 – 12:15सामान्य
लाभ12:15 – 13:40शुभ
अमृत13:40 – 15:05शुभ
काल15:05 – 16:30टालें
शुभ16:30 – 17:55शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:55 – 19:30शुभ
चर19:30 – 21:05सामान्य
रोग21:05 – 22:40टालें
काल22:40 – 00:15टालें
लाभ00:15 – 01:50शुभ
उद्वेग01:50 – 03:25टालें
शुभ03:25 – 05:00शुभ
अमृत05:00 – 06:35शुभ

16 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण दशमी 10:36 तक
कृष्ण एकादशी 11:12, 17 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
मघा 13:57, 17 अक्टू॰ तक
योग
शुभ 02:10, 17 अक्टू॰ तक
शुक्ल 01:48, 18 अक्टू॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 10:36 तक
बव 22:50 तक
बालव 11:12, 17 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 12:42 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:35
सूर्यास्त
17:55
चंद्रोदय
01:30
चंद्रास्त
15:22
दिनमान
11h 21m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:54 – 05:44
अभिजीत मुहूर्त
11:52 – 12:38

अशुभ समय

राहुकाल
13:40 – 15:05
यमगंड
06:35 – 08:00
गुलिक काल
09:25 – 10:50

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:3507:31दिन
मंगल07:3108:28दिन
सूर्य08:2809:25दिन
शुक्र09:2510:22दिन
बुध10:2211:18दिन
चंद्र11:1812:15दिन
शनि12:1513:12दिन
गुरु13:1214:09दिन
मंगल14:0915:05दिन
सूर्य15:0516:02दिन
शुक्र16:0216:59दिन
बुध16:5917:55दिन
चंद्र17:5518:59रात
शनि18:5920:02रात
गुरु20:0221:05रात
मंगल21:0522:09रात
सूर्य22:0923:12रात
शुक्र23:1200:15रात
बुध00:1501:19रात
चंद्र01:1902:22रात
शनि02:2203:25रात
गुरु03:2504:29रात
मंगल04:2905:32रात
सूर्य05:3206:35रात

अयनांश 24.2173° (लाहिड़ी)। समय कटरा (वैष्णो देवी) (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।