14 जनवरी 2026 को कटरा (वैष्णो देवी) का चौघड़िया

बुधवार, 14 जनवरी 2026, कटरा (वैष्णो देवी), भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 14 जनवरी 2026 को कटरा (वैष्णो देवी) में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (17:53 तक), नक्षत्र अनुराधा (03:03, 15 जन॰ तक) और योग गंड है। सूर्योदय 07:33 पर और सूर्यास्त 17:45 पर है। राहुकाल 12:39 से 13:55 तक है।

दिन और रात
दिन 07:33 – 17:45
रात 07:33 तक
तिथि
एकादशी, 17:53 तक
द्वादशी
नक्षत्र
अनुराधा, 03:03 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ07:33 – 08:49शुभ
अमृत08:49 – 10:06शुभ
काल10:06 – 11:22टालें
शुभ11:22 – 12:39शुभ
रोग12:39 – 13:55टालें
उद्वेग13:55 – 15:12टालें
चर15:12 – 16:28सामान्य
लाभ16:28 – 17:45शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:45 – 19:28टालें
शुभ19:28 – 21:12शुभ
अमृत21:12 – 22:55शुभ
चर22:55 – 00:39सामान्य
रोग00:39 – 02:22टालें
काल02:22 – 04:06टालें
लाभ04:06 – 05:49शुभ
उद्वेग05:49 – 07:33टालें

14 जनवरी 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 17:53 तक
कृष्ण द्वादशी 20:17, 15 जन॰ तक
नक्षत्र
अनुराधा 03:03, 15 जन॰ तक
ज्येष्ठा 05:47, 16 जन॰ तक
योग
गंडअशुभ 19:55 तक
वृद्धि 20:38, 15 जन॰ तक
करण
बालव 17:53 तक
कौलव 07:07, 15 जन॰ तक
तैतिल 20:17, 15 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:33
सूर्यास्त
17:45
चंद्रोदय
03:51
चंद्रास्त
13:45
दिनमान
10h 12m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:42 – 06:38
अभिजीत मुहूर्त
12:18 – 12:59 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:39 – 13:55
यमगंड
08:49 – 10:06
गुलिक काल
11:22 – 12:39

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध07:3308:24दिन
चंद्र08:2409:15दिन
शनि09:1510:06दिन
गुरु10:0610:57दिन
मंगल10:5711:48दिन
सूर्य11:4812:39दिन
शुक्र12:3913:30दिन
बुध13:3014:21दिन
चंद्र14:2115:12दिन
शनि15:1216:03दिन
गुरु16:0316:54दिन
मंगल16:5417:45दिन
सूर्य17:4518:54रात
शुक्र18:5420:03रात
बुध20:0321:12रात
चंद्र21:1222:21रात
शनि22:2123:30रात
गुरु23:3000:39रात
मंगल00:3901:48रात
सूर्य01:4802:57रात
शुक्र02:5704:06रात
बुध04:0605:15रात
चंद्र05:1506:24रात
शनि06:2407:33रात

अयनांश 24.2208° (लाहिड़ी)। समय कटरा (वैष्णो देवी) (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।