29 नवंबर 2026 को कटरा (वैष्णो देवी) का चौघड़िया

रविवार, 29 नवंबर 2026, कटरा (वैष्णो देवी), भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 29 नवंबर 2026 को कटरा (वैष्णो देवी) में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (01:47, 30 नव॰ तक), नक्षत्र पुष्य (10:59 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 07:13 पर और सूर्यास्त 17:23 पर है। राहुकाल 16:07 से 17:23 तक है।

दिन और रात
दिन 07:13 – 17:23
रात 07:13 तक
तिथि
षष्ठी, 01:47 तक
सप्तमी
नक्षत्र
पुष्य, 10:59 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग07:13 – 08:29टालें
चर08:29 – 09:45सामान्य
लाभ09:45 – 11:02शुभ
अमृत11:02 – 12:18शुभ
काल12:18 – 13:34टालें
शुभ13:34 – 14:50शुभ
रोग14:50 – 16:07टालें
उद्वेग16:07 – 17:23टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:23 – 19:07शुभ
अमृत19:07 – 20:51शुभ
चर20:51 – 22:35सामान्य
रोग22:35 – 00:18टालें
काल00:18 – 02:02टालें
लाभ02:02 – 03:46शुभ
उद्वेग03:46 – 05:30टालें
शुभ05:30 – 07:13शुभ

29 नवंबर 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 01:47, 30 नव॰ तक
कृष्ण सप्तमी 00:12, 1 दिस॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 10:59 तक
आश्लेषा 09:42, 30 नव॰ तक
योग
ब्रह्म 17:08 तक
इंद्र 14:27, 30 नव॰ तक
करण
गर 14:48 तक
वणिज 01:47, 30 नव॰ तक
विष्टि (भद्रा) 12:55, 30 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:13
सूर्यास्त
17:23
चंद्रोदय
22:35
चंद्रास्त
11:43
दिनमान
10h 11m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:22 – 06:17
अभिजीत मुहूर्त
11:58 – 12:38

अशुभ समय

राहुकाल
16:07 – 17:23
यमगंड
12:18 – 13:34
गुलिक काल
14:50 – 16:07

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य07:1308:03दिन
शुक्र08:0308:54दिन
बुध08:5409:45दिन
चंद्र09:4510:36दिन
शनि10:3611:27दिन
गुरु11:2712:18दिन
मंगल12:1813:09दिन
सूर्य13:0914:00दिन
शुक्र14:0014:50दिन
बुध14:5015:41दिन
चंद्र15:4116:32दिन
शनि16:3217:23दिन
गुरु17:2318:32रात
मंगल18:3219:42रात
सूर्य19:4220:51रात
शुक्र20:5122:00रात
बुध22:0023:09रात
चंद्र23:0900:18रात
शनि00:1801:27रात
गुरु01:2702:37रात
मंगल02:3703:46रात
सूर्य03:4604:55रात
शुक्र04:5506:04रात
बुध06:0407:13रात

अयनांश 24.2330° (लाहिड़ी)। समय कटरा (वैष्णो देवी) (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।