19 अक्टूबर 2028 को कटरा (वैष्णो देवी) का चौघड़िया

गुरुवार, 19 अक्टूबर 2028, कटरा (वैष्णो देवी), भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 19 अक्टूबर 2028 को कटरा (वैष्णो देवी) में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (01:59, 20 अक्टू॰ तक), नक्षत्र स्वाति (14:58 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 06:37 पर और सूर्यास्त 17:52 पर है। राहुकाल 13:39 से 15:03 तक है।

दिन और रात
दिन 06:37 – 17:52
रात 06:38 तक
तिथि
द्वितीया, 01:59 तक
तृतीया
नक्षत्र
स्वाति, 14:58 तक
विशाखा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 अक्टूबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:37 – 08:02शुभ
रोग08:02 – 09:26टालें
उद्वेग09:26 – 10:50टालें
चर10:50 – 12:14सामान्य
लाभ12:14 – 13:39शुभ
अमृत13:39 – 15:03शुभ
काल15:03 – 16:27टालें
शुभ16:27 – 17:52शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:52 – 19:27शुभ
चर19:27 – 21:03सामान्य
रोग21:03 – 22:39टालें
काल22:39 – 00:15टालें
लाभ00:15 – 01:51शुभ
उद्वेग01:51 – 03:26टालें
शुभ03:26 – 05:02शुभ
अमृत05:02 – 06:38शुभ

19 अक्टूबर 2028 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 01:59, 20 अक्टू॰ तक
शुक्ल तृतीया 23:32, 20 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 14:58 तक
विशाखा 12:58, 20 अक्टू॰ तक
योग
प्रीति 21:43 तक
आयुष्मान 18:26, 20 अक्टू॰ तक
करण
बालव 15:26 तक
कौलव 01:59, 20 अक्टू॰ तक
तैतिल 12:41, 20 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:37
सूर्यास्त
17:52
चंद्रोदय
07:54
चंद्रास्त
18:28
दिनमान
11h 14m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:55 – 05:46
अभिजीत मुहूर्त
11:52 – 12:37

अशुभ समय

राहुकाल
13:39 – 15:03
यमगंड
06:37 – 08:02
गुलिक काल
09:26 – 10:50

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:3707:33दिन
मंगल07:3308:30दिन
सूर्य08:3009:26दिन
शुक्र09:2610:22दिन
बुध10:2211:18दिन
चंद्र11:1812:14दिन
शनि12:1413:11दिन
गुरु13:1114:07दिन
मंगल14:0715:03दिन
सूर्य15:0315:59दिन
शुक्र15:5916:55दिन
बुध16:5517:52दिन
चंद्र17:5218:56रात
शनि18:5619:59रात
गुरु19:5921:03रात
मंगल21:0322:07रात
सूर्य22:0723:11रात
शुक्र23:1100:15रात
बुध00:1501:19रात
चंद्र01:1902:23रात
शनि02:2303:26रात
गुरु03:2604:30रात
मंगल04:3005:34रात
सूर्य05:3406:38रात

अयनांश 24.2594° (लाहिड़ी)। समय कटरा (वैष्णो देवी) (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।