10 जनवरी 2029 को कटरा (वैष्णो देवी) का चौघड़िया

बुधवार, 10 जनवरी 2029, कटरा (वैष्णो देवी), भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 10 जनवरी 2029 को कटरा (वैष्णो देवी) में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (00:56, 11 जन॰ तक), नक्षत्र विशाखा (15:45 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 07:33 पर और सूर्यास्त 17:41 पर है। राहुकाल 12:37 से 13:53 तक है।

दिन और रात
दिन 07:33 – 17:41
रात 07:33 तक
तिथि
एकादशी, 00:56 तक
द्वादशी
नक्षत्र
विशाखा, 15:45 तक
अनुराधा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ07:33 – 08:49शुभ
अमृत08:49 – 10:05शुभ
काल10:05 – 11:21टालें
शुभ11:21 – 12:37शुभ
रोग12:37 – 13:53टालें
उद्वेग13:53 – 15:09टालें
चर15:09 – 16:25सामान्य
लाभ16:25 – 17:41शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:41 – 19:25टालें
शुभ19:25 – 21:09शुभ
अमृत21:09 – 22:53शुभ
चर22:53 – 00:37सामान्य
रोग00:37 – 02:21टालें
काल02:21 – 04:05टालें
लाभ04:05 – 05:49शुभ
उद्वेग05:49 – 07:33टालें

10 जनवरी 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 00:56, 11 जन॰ तक
कृष्ण द्वादशी 23:50, 11 जन॰ तक
नक्षत्र
विशाखा 15:45 तक
अनुराधा 15:10, 11 जन॰ तक
योग
शूलअशुभ 16:31 तक
गंडअशुभ 14:19, 11 जन॰ तक
करण
बव 13:36 तक
बालव 00:56, 11 जन॰ तक
कौलव 12:21, 11 जन॰ तक
चंद्र राशि
तुला 09:56 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:33
सूर्यास्त
17:41
चंद्रोदय
03:20
चंद्रास्त
13:36
दिनमान
10h 8m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:42 – 06:38
अभिजीत मुहूर्त
12:17 – 12:58 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:37 – 13:53
यमगंड
08:49 – 10:05
गुलिक काल
11:21 – 12:37

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध07:3308:24दिन
चंद्र08:2409:15दिन
शनि09:1510:05दिन
गुरु10:0510:56दिन
मंगल10:5611:47दिन
सूर्य11:4712:37दिन
शुक्र12:3713:28दिन
बुध13:2814:19दिन
चंद्र14:1915:09दिन
शनि15:0916:00दिन
गुरु16:0016:51दिन
मंगल16:5117:41दिन
सूर्य17:4118:51रात
शुक्र18:5120:00रात
बुध20:0021:09रात
चंद्र21:0922:19रात
शनि22:1923:28रात
गुरु23:2800:37रात
मंगल00:3701:47रात
सूर्य01:4702:56रात
शुक्र02:5604:05रात
बुध04:0505:15रात
चंद्र05:1506:24रात
शनि06:2407:33रात

अयनांश 24.2625° (लाहिड़ी)। समय कटरा (वैष्णो देवी) (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।