26 फ़रवरी 2029 को कटरा (वैष्णो देवी) का चौघड़िया

सोमवार, 26 फ़रवरी 2029, कटरा (वैष्णो देवी), भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 26 फ़रवरी 2029 को कटरा (वैष्णो देवी) में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (07:29 तक), नक्षत्र पुष्य (22:54 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 07:01 पर और सूर्यास्त 18:24 पर है। राहुकाल 08:27 से 09:52 तक है।

दिन और रात
दिन 07:01 – 18:24
रात 07:00 तक
तिथि
त्रयोदशी, 05:05 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
पुष्य, 22:54 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 फ़रवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:01 – 08:27शुभ
काल08:27 – 09:52टालें
शुभ09:52 – 11:17शुभ
रोग11:17 – 12:43टालें
उद्वेग12:43 – 14:08टालें
चर14:08 – 15:34सामान्य
लाभ15:34 – 16:59शुभ
अमृत16:59 – 18:24शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:24 – 19:59सामान्य
रोग19:59 – 21:33टालें
काल21:33 – 23:08टालें
लाभ23:08 – 00:42शुभ
उद्वेग00:42 – 02:17टालें
शुभ02:17 – 03:51शुभ
अमृत03:51 – 05:26शुभ
चर05:26 – 07:00सामान्य

26 फ़रवरी 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 07:29 तक
शुक्ल त्रयोदशी 05:05, 27 फ़र॰ तक
शुक्ल चतुर्दशी 02:05, 28 फ़र॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 22:54 तक
आश्लेषा 20:47, 27 फ़र॰ तक
योग
सौभाग्य 11:13 तक
शोभन 07:59, 27 फ़र॰ तक
करण
बालव 07:29 तक
कौलव 18:22 तक
तैतिल 05:05, 27 फ़र॰ तक
गर 15:38, 27 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:01
सूर्यास्त
18:24
चंद्रोदय
15:54
चंद्रास्त
05:04
दिनमान
11h 23m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:20 – 06:11
अभिजीत मुहूर्त
12:20 – 13:06

अशुभ समय

राहुकाल
08:27 – 09:52
यमगंड
11:17 – 12:43
गुलिक काल
14:08 – 15:34

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:0107:58दिन
शनि07:5808:55दिन
गुरु08:5509:52दिन
मंगल09:5210:49दिन
सूर्य10:4911:46दिन
शुक्र11:4612:43दिन
बुध12:4313:40दिन
चंद्र13:4014:37दिन
शनि14:3715:34दिन
गुरु15:3416:31दिन
मंगल16:3117:27दिन
सूर्य17:2718:24दिन
शुक्र18:2419:27रात
बुध19:2720:30रात
चंद्र20:3021:33रात
शनि21:3322:36रात
गुरु22:3623:39रात
मंगल23:3900:42रात
सूर्य00:4201:45रात
शुक्र01:4502:48रात
बुध02:4803:51रात
चंद्र03:5104:54रात
शनि04:5405:57रात
गुरु05:5707:00रात

अयनांश 24.2643° (लाहिड़ी)। समय कटरा (वैष्णो देवी) (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।