7 अक्टूबर 2029 को कटरा (वैष्णो देवी) का चौघड़िया

रविवार, 7 अक्टूबर 2029, कटरा (वैष्णो देवी), भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 7 अक्टूबर 2029 को कटरा (वैष्णो देवी) में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (00:44, 8 अक्टू॰ तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (08:06 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 06:28 पर और सूर्यास्त 18:07 पर है। राहुकाल 16:39 से 18:07 तक है।

दिन और रात
दिन 06:28 – 18:07
रात 06:29 तक
तिथि
अमावस्या, 00:44 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
हस्त, 05:09 तक
चित्रा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 अक्टूबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:28 – 07:55टालें
चर07:55 – 09:23सामान्य
लाभ09:23 – 10:50शुभ
अमृत10:50 – 12:17शुभ
काल12:17 – 13:45टालें
शुभ13:45 – 15:12शुभ
रोग15:12 – 16:39टालें
उद्वेग16:39 – 18:07टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:07 – 19:39शुभ
अमृत19:39 – 21:12शुभ
चर21:12 – 22:45सामान्य
रोग22:45 – 00:18टालें
काल00:18 – 01:50टालें
लाभ01:50 – 03:23शुभ
उद्वेग03:23 – 04:56टालें
शुभ04:56 – 06:29शुभ

7 अक्टूबर 2029 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
अमावस्या 00:44, 8 अक्टू॰ तक
शुक्ल प्रतिपदा 20:55, 8 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
हस्त 05:09, 8 अक्टू॰ तक
चित्रा 02:07, 9 अक्टू॰ तक
योग
ब्रह्म 13:17 तक
इंद्र 09:02, 8 अक्टू॰ तक
करण
चतुष्पद 14:37 तक
नाग 00:44, 8 अक्टू॰ तक
किंस्तुघ्न 10:50, 8 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:28
सूर्यास्त
18:07
चंद्रोदय
05:44
चंद्रास्त
17:31
दिनमान
11h 38m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:49 – 05:39
अभिजीत मुहूर्त
11:54 – 12:41

अशुभ समय

राहुकाल
16:39 – 18:07
यमगंड
12:17 – 13:45
गुलिक काल
15:12 – 16:39

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:2807:26दिन
शुक्र07:2608:25दिन
बुध08:2509:23दिन
चंद्र09:2310:21दिन
शनि10:2111:19दिन
गुरु11:1912:17दिन
मंगल12:1713:16दिन
सूर्य13:1614:14दिन
शुक्र14:1415:12दिन
बुध15:1216:10दिन
चंद्र16:1017:08दिन
शनि17:0818:07दिन
गुरु18:0719:08रात
मंगल19:0820:10रात
सूर्य20:1021:12रात
शुक्र21:1222:14रात
बुध22:1423:16रात
चंद्र23:1600:18रात
शनि00:1801:20रात
गुरु01:2002:21रात
मंगल02:2103:23रात
सूर्य03:2304:25रात
शुक्र04:2505:27रात
बुध05:2706:29रात

अयनांश 24.2729° (लाहिड़ी)। समय कटरा (वैष्णो देवी) (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।