22 नवंबर 2029 को कटरा (वैष्णो देवी) का चौघड़िया

गुरुवार, 22 नवंबर 2029, कटरा (वैष्णो देवी), भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 22 नवंबर 2029 को कटरा (वैष्णो देवी) में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (11:53 तक), नक्षत्र रोहिणी (22:38 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 07:07 पर और सूर्यास्त 17:25 पर है। राहुकाल 13:33 से 14:50 तक है।

दिन और रात
दिन 07:07 – 17:25
रात 07:08 तक
तिथि
प्रतिपदा, 11:53 तक
द्वितीया
नक्षत्र
रोहिणी, 22:38 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 नवंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ07:07 – 08:24शुभ
रोग08:24 – 09:41टालें
उद्वेग09:41 – 10:58टालें
चर10:58 – 12:16सामान्य
लाभ12:16 – 13:33शुभ
अमृत13:33 – 14:50शुभ
काल14:50 – 16:08टालें
शुभ16:08 – 17:25शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:25 – 19:08शुभ
चर19:08 – 20:51सामान्य
रोग20:51 – 22:33टालें
काल22:33 – 00:16टालें
लाभ00:16 – 01:59शुभ
उद्वेग01:59 – 03:42टालें
शुभ03:42 – 05:25शुभ
अमृत05:25 – 07:08शुभ

22 नवंबर 2029 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 11:53 तक
कृष्ण द्वितीया 13:59, 23 नव॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 22:38 तक
मृगशिरा 01:04, 24 नव॰ तक
योग
शिव 16:58 तक
सिद्ध 17:26, 23 नव॰ तक
करण
कौलव 11:53 तक
तैतिल 00:58, 23 नव॰ तक
गर 13:59, 23 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:07
सूर्यास्त
17:25
चंद्रोदय
18:14
चंद्रास्त
08:03
दिनमान
10h 18m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:17 – 06:12
अभिजीत मुहूर्त
11:55 – 12:36

अशुभ समय

राहुकाल
13:33 – 14:50
यमगंड
07:07 – 08:24
गुलिक काल
09:41 – 10:58

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु07:0707:58दिन
मंगल07:5808:50दिन
सूर्य08:5009:41दिन
शुक्र09:4110:33दिन
बुध10:3311:24दिन
चंद्र11:2412:16दिन
शनि12:1613:07दिन
गुरु13:0713:59दिन
मंगल13:5914:50दिन
सूर्य14:5015:42दिन
शुक्र15:4216:33दिन
बुध16:3317:25दिन
चंद्र17:2518:33रात
शनि18:3319:42रात
गुरु19:4220:51रात
मंगल20:5121:59रात
सूर्य21:5923:08रात
शुक्र23:0800:16रात
बुध00:1601:25रात
चंद्र01:2502:33रात
शनि02:3303:42रात
गुरु03:4204:50रात
मंगल04:5005:59रात
सूर्य05:5907:08रात

अयनांश 24.2746° (लाहिड़ी)। समय कटरा (वैष्णो देवी) (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।