11 अक्टूबर 2025 को कोच्चि का चौघड़िया

शनिवार, 11 अक्टूबर 2025, कोच्चि, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 11 अक्टूबर 2025 को कोच्चि में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (16:43 तक), नक्षत्र रोहिणी (15:20 तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 06:13 पर और सूर्यास्त 18:09 पर है। राहुकाल 09:12 से 10:42 तक है।

दिन और रात
दिन 06:13 – 18:09
रात 06:13 तक
तिथि
पंचमी, 16:43 तक
षष्ठी
नक्षत्र
रोहिणी, 15:20 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:13 – 07:42टालें
शुभ07:42 – 09:12शुभ
रोग09:12 – 10:42टालें
उद्वेग10:42 – 12:11टालें
चर12:11 – 13:41सामान्य
लाभ13:41 – 15:10शुभ
अमृत15:10 – 16:40शुभ
काल16:40 – 18:09टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:09 – 19:40शुभ
उद्वेग19:40 – 21:10टालें
शुभ21:10 – 22:41शुभ
अमृत22:41 – 00:11शुभ
चर00:11 – 01:42सामान्य
रोग01:42 – 03:12टालें
काल03:12 – 04:42टालें
लाभ04:42 – 06:13शुभ

11 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 16:43 तक
कृष्ण षष्ठी 14:17, 12 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 15:20 तक
मृगशिरा 13:36, 12 अक्टू॰ तक
योग
व्यतीपातअशुभ 14:07 तक
वरीयान 10:55, 12 अक्टू॰ तक
करण
तैतिल 16:43 तक
गर 03:26, 12 अक्टू॰ तक
वणिज 14:17, 12 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 02:24, 12 अक्टू॰ तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:13
सूर्यास्त
18:09
चंद्रोदय
22:03
चंद्रास्त
10:15
दिनमान
11h 57m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:36 – 05:25
अभिजीत मुहूर्त
11:47 – 12:35

अशुभ समय

राहुकाल
09:12 – 10:42
यमगंड
13:41 – 15:10
गुलिक काल
06:13 – 07:42

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:1307:13दिन
गुरु07:1308:12दिन
मंगल08:1209:12दिन
सूर्य09:1210:12दिन
शुक्र10:1211:11दिन
बुध11:1112:11दिन
चंद्र12:1113:11दिन
शनि13:1114:11दिन
गुरु14:1115:10दिन
मंगल15:1016:10दिन
सूर्य16:1017:10दिन
शुक्र17:1018:09दिन
बुध18:0919:10रात
चंद्र19:1020:10रात
शनि20:1021:10रात
गुरु21:1022:11रात
मंगल22:1123:11रात
सूर्य23:1100:11रात
शुक्र00:1101:11रात
बुध01:1102:12रात
चंद्र02:1203:12रात
शनि03:1204:12रात
गुरु04:1205:13रात
मंगल05:1306:13रात

अयनांश 24.2171° (लाहिड़ी)। समय कोच्चि (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।