5 जनवरी 2026 को कोच्चि का चौघड़िया

सोमवार, 5 जनवरी 2026, कोच्चि, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 5 जनवरी 2026 को कोच्चि में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (09:57 तक), नक्षत्र पुष्य (13:25 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 06:43 पर और सूर्यास्त 18:17 पर है। राहुकाल 08:09 से 09:36 तक है।

दिन और रात
दिन 06:43 – 18:17
रात 06:43 तक
तिथि
तृतीया
नक्षत्र
पुष्य, 13:25 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:43 – 08:09शुभ
काल08:09 – 09:36टालें
शुभ09:36 – 11:03शुभ
रोग11:03 – 12:30टालें
उद्वेग12:30 – 13:57टालें
चर13:57 – 15:23सामान्य
लाभ15:23 – 16:50शुभ
अमृत16:50 – 18:17शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:17 – 19:50सामान्य
रोग19:50 – 21:23टालें
काल21:23 – 22:57टालें
लाभ22:57 – 00:30शुभ
उद्वेग00:30 – 02:03टालें
शुभ02:03 – 03:36शुभ
अमृत03:36 – 05:10शुभ
चर05:10 – 06:43सामान्य

5 जनवरी 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 09:57 तक
कृष्ण तृतीया 08:02, 6 जन॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 13:25 तक
आश्लेषा 12:17, 6 जन॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 22:47 तक
प्रीति 20:21, 6 जन॰ तक
करण
गर 09:57 तक
वणिज 20:54 तक
विष्टि (भद्रा) 08:02, 6 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:43
सूर्यास्त
18:17
चंद्रोदय
20:23
चंद्रास्त
08:25
दिनमान
11h 34m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:03 – 05:53
अभिजीत मुहूर्त
12:07 – 12:53

अशुभ समय

राहुकाल
08:09 – 09:36
यमगंड
11:03 – 12:30
गुलिक काल
13:57 – 15:23

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:4307:41दिन
शनि07:4108:38दिन
गुरु08:3809:36दिन
मंगल09:3610:34दिन
सूर्य10:3411:32दिन
शुक्र11:3212:30दिन
बुध12:3013:28दिन
चंद्र13:2814:25दिन
शनि14:2515:23दिन
गुरु15:2316:21दिन
मंगल16:2117:19दिन
सूर्य17:1918:17दिन
शुक्र18:1719:19रात
बुध19:1920:21रात
चंद्र20:2121:23रात
शनि21:2322:26रात
गुरु22:2623:28रात
मंगल23:2800:30रात
सूर्य00:3001:32रात
शुक्र01:3202:34रात
बुध02:3403:36रात
चंद्र03:3604:39रात
शनि04:3905:41रात
गुरु05:4106:43रात

अयनांश 24.2204° (लाहिड़ी)। समय कोच्चि (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।