4 अक्टूबर 2029 को कोच्चि का चौघड़िया

गुरुवार, 4 अक्टूबर 2029, कोच्चि, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 4 अक्टूबर 2029 को कोच्चि में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (13:02 तक), नक्षत्र आश्लेषा (14:35 तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 06:13 पर और सूर्यास्त 18:13 पर है। राहुकाल 13:43 से 15:13 तक है।

दिन और रात
दिन 06:13 – 18:13
रात 06:13 तक
तिथि
एकादशी, 13:02 तक
द्वादशी
नक्षत्र
आश्लेषा, 14:35 तक
मघा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 अक्टूबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:13 – 07:43शुभ
रोग07:43 – 09:13टालें
उद्वेग09:13 – 10:43टालें
चर10:43 – 12:13सामान्य
लाभ12:13 – 13:43शुभ
अमृत13:43 – 15:13शुभ
काल15:13 – 16:43टालें
शुभ16:43 – 18:13शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:13 – 19:43शुभ
चर19:43 – 21:13सामान्य
रोग21:13 – 22:43टालें
काल22:43 – 00:13टालें
लाभ00:13 – 01:43शुभ
उद्वेग01:43 – 03:13टालें
शुभ03:13 – 04:43शुभ
अमृत04:43 – 06:13शुभ

4 अक्टूबर 2029 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 13:02 तक
कृष्ण द्वादशी 10:46, 5 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
मघा 13:00, 5 अक्टू॰ तक
योग
साध्य 00:23, 5 अक्टू॰ तक
शुभ 21:07, 5 अक्टू॰ तक
करण
बालव 13:02 तक
कौलव 23:59 तक
तैतिल 10:46, 5 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 14:35 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:13
सूर्यास्त
18:13
चंद्रोदय
02:40
चंद्रास्त
15:19
दिनमान
12h 0m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:37 – 05:25
अभिजीत मुहूर्त
11:49 – 12:37

अशुभ समय

राहुकाल
13:43 – 15:13
यमगंड
06:13 – 07:43
गुलिक काल
09:13 – 10:43

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:1307:13दिन
मंगल07:1308:13दिन
सूर्य08:1309:13दिन
शुक्र09:1310:13दिन
बुध10:1311:13दिन
चंद्र11:1312:13दिन
शनि12:1313:13दिन
गुरु13:1314:13दिन
मंगल14:1315:13दिन
सूर्य15:1316:13दिन
शुक्र16:1317:13दिन
बुध17:1318:13दिन
चंद्र18:1319:13रात
शनि19:1320:13रात
गुरु20:1321:13रात
मंगल21:1322:13रात
सूर्य22:1323:13रात
शुक्र23:1300:13रात
बुध00:1301:13रात
चंद्र01:1302:13रात
शनि02:1303:13रात
गुरु03:1304:13रात
मंगल04:1305:13रात
सूर्य05:1306:13रात

अयनांश 24.2727° (लाहिड़ी)। समय कोच्चि (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।