6 सितंबर 2025 को कोहिमा का चौघड़िया

शनिवार, 6 सितंबर 2025, कोहिमा, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 6 सितंबर 2025 को कोहिमा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (01:41, 7 सित॰ तक), नक्षत्र धनिष्ठा (22:55 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 04:55 पर और सूर्यास्त 17:27 पर है। राहुकाल 08:03 से 09:37 तक है।

दिन और रात
दिन 04:55 – 17:27
रात 04:56 तक
तिथि
चतुर्दशी, 01:41 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
धनिष्ठा, 22:55 तक
शतभिषा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल04:55 – 06:29टालें
शुभ06:29 – 08:03शुभ
रोग08:03 – 09:37टालें
उद्वेग09:37 – 11:11टालें
चर11:11 – 12:45सामान्य
लाभ12:45 – 14:19शुभ
अमृत14:19 – 15:53शुभ
काल15:53 – 17:27टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:27 – 18:53शुभ
उद्वेग18:53 – 20:19टालें
शुभ20:19 – 21:45शुभ
अमृत21:45 – 23:11शुभ
चर23:11 – 00:38सामान्य
रोग00:38 – 02:04टालें
काल02:04 – 03:30टालें
लाभ03:30 – 04:56शुभ

6 सितंबर 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 01:41, 7 सित॰ तक
पूर्णिमा 23:38, 7 सित॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 21:41, 7 सित॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 11:51 तक
सुकर्मा 09:22, 7 सित॰ तक
करण
गर 14:31 तक
वणिज 01:41, 7 सित॰ तक
विष्टि (भद्रा) 12:43, 7 सित॰ तक
चंद्र राशि
मकर 11:21 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
04:55
सूर्यास्त
17:27
चंद्रोदय
16:39
चंद्रास्त
03:08
दिनमान
12h 32m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:24 – 04:10
अभिजीत मुहूर्त
10:46 – 11:36

अशुभ समय

राहुकाल
08:03 – 09:37
यमगंड
12:45 – 14:19
गुलिक काल
04:55 – 06:29

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि04:5505:58दिन
गुरु05:5807:01दिन
मंगल07:0108:03दिन
सूर्य08:0309:06दिन
शुक्र09:0610:09दिन
बुध10:0911:11दिन
चंद्र11:1112:14दिन
शनि12:1413:17दिन
गुरु13:1714:19दिन
मंगल14:1915:22दिन
सूर्य15:2216:24दिन
शुक्र16:2417:27दिन
बुध17:2718:24रात
चंद्र18:2419:22रात
शनि19:2220:19रात
गुरु20:1921:17रात
मंगल21:1722:14रात
सूर्य22:1423:11रात
शुक्र23:1100:09रात
बुध00:0901:06रात
चंद्र01:0602:04रात
शनि02:0403:01रात
गुरु03:0103:58रात
मंगल03:5804:56रात

अयनांश 24.2158° (लाहिड़ी)। समय कोहिमा (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।